मौसम

केरल में 26 मई को मानसून के आगमन की संभावना, IMD ने दी जानकारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को बताया कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में 26 मई के आसपास पहुंच सकता है। यह सामान्य तारीख 1 जून से करीब छह दिन पहले है। हालांकि मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि इस बार मानसून के आने में लगभग चार दिन का अंतर हो सकता है। आम तौर पर मानसून की शुरुआत की तारीख में लगभग 7 दिनों का अंतर देखा जाता है।

IMD के अनुसार, अगले 24 घंटों में मानसून के दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों तक पहुंचने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। 28 मई तक देश के दक्षिणी पश्चिमी तट पर अच्छी बारिश होने की संभावना है। पिछले साल 2025 में मानसून 24 मई को केरल पहुंचा था। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के जल्दी आने का मतलब यह नहीं है कि पूरे सीजन में बारिश अच्छी ही होगी।

स्काइमेट वेदर के विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, मानसून की कुल बारिश इस बात पर निर्भर करती है कि कितने लो प्रेशर सिस्टम बनते हैं और मानसून की रफ्तार कैसी रहती है। इस बीच, प्रशांत महासागर में एल-नीनो की स्थिति बनने के संकेत भी मिल रहे हैं। अमेरिकी मौसम एजेंसियों के अनुसार, एल-नीनो इस साल मजबूत रूप ले सकता है। इसके बनने की संभावना 80 प्रतिशत से अधिक बताई गई है।

भारत में एल-नीनो को आमतौर पर कमजोर मानसून और ज्यादा गर्मी से जोड़ा जाता है। IMD ने पहले ही अनुमान जताया है कि इस साल मानसून सामान्य से कम रह सकता है और जून से सितंबर के बीच लगभग 92% औसत बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने यह भी बताया कि इस समय देश के कई हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। उत्तर और मध्य भारत में गर्मी और लू की स्थिति बनी हुई है, जबकि पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भारी बारिश की संभावना है।

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