
Goa: गोवा के पर्यावरण और प्राकृतिक सौंदर्य को बचाने के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है। गोवा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) बोर्ड ने राज्य में अवैध रूप से पहाड़ काटने (Hill Cutting) की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाने का फैसला किया है। यह निर्णय तटीय राज्य की नाजुक पारिस्थितिकी की रक्षा के लिए लिया गया है।
तीन चरणों में तय किया गया है भारी जुर्माना
TCP मंत्री विश्वजीत राणे की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ा शिकंजा कसने का प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्री राणे ने संवाददाताओं को बताया कि जुर्माने की राशि को अपराध की पुनरावृत्ति के आधार पर तय किया गया है:
- पहली बार उल्लंघन पर: 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
- दूसरी बार उल्लंघन पर: जुर्माने की राशि बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दी जाएगी।
- तीसरी बार उल्लंघन पर: दोषी पाए जाने पर पूरे 1 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना देना होगा।
TCP एक्ट के तहत होगी कड़ी कार्रवाई
वित्तीय जुर्माने के अलावा, पहली बार अपराध करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी टीसीपी एक्ट (TCP Act) के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस अवैध गतिविधि को रोकने के लिए सरकार के फ्लाइंग स्क्वाड (उड़न दस्ते) पहले से ही मैदान में उतरकर सख्त एक्शन ले रहे हैं।
इसके साथ ही, राज्य सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि वे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें। पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने तटीय राज्य के कई संवेदनशील इलाकों के करोड़ों वर्ग मीटर क्षेत्र को समय-समय पर ‘नो डेवलपमेंट ज़ोन’ (No Development Zones) के रूप में भी अधिसूचित किया है।





