सोनम वांगचुक के अनशन पर अमेरिकी संगठन का खुला पत्र, सरकार से संवाद की मांग

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर अमेरिका स्थित भारतीय समुदाय के संगठन हिंदूज़ फॉर ह्यूमन राइट्स ने चिंता जताई है। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को खुला पत्र लिखकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू करने की अपील की है।
संगठन का कहना है कि आंदोलन में शामिल छात्र और प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेही जैसे मुद्दों को उठा रहे हैं। ऐसे में सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए और इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। पत्र में कहा गया है कि सरकार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से सहमत हो या नहीं, लेकिन इस मुद्दे पर चुप्पी नहीं रहनी चाहिए। संगठन ने यह भी कहा कि देशभर में छात्र और नौकरी की तैयारी कर रहे युवा लंबे समय से परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
संगठन ने सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों से भी अपनी सेहत का ध्यान रखने की अपील की। साथ ही सरकार से मांग की कि प्रदर्शनकारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जाए, छात्रों के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान किया जाए। इसी बीच, संगठन ने घोषणा की है कि वह शुक्रवार को अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में सोनम वांगचुक के समर्थन में एकजुटता कार्यक्रम आयोजित करेगा।
उधर, सोनम वांगचुक का अनशन गुरुवार को 19वें दिन में पहुंच गया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी तबीयत काफी कमजोर है और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, उनका वजन घटकर 57.15 किलोग्राम रह गया है। हालांकि उनका रक्तचाप, ऑक्सीजन स्तर और शरीर में पानी की मात्रा फिलहाल सामान्य सीमा में बताई गई है।
इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में भी एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें वांगचुक को तुरंत बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
वहीं, आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार को एक दिन के सामूहिक उपवास का आह्वान किया है। पार्टी ने 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का भी ऐलान किया है। पार्टी की मांग है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय की जाए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और कथित तौर पर परीक्षा विवाद से जुड़े आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए।





