21 लोगों की मौत वाले दिल्ली होटल के मालिक का आपराधिक रिकॉर्ड आया सामने, जांच में चौंकाने वाले खुलासे

Delhi Hotel Fire: दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित ‘फ्लरिश स्टे’ (Flourish Stay) बेड-एंड-ब्रेकफास्ट होटल में लगी भीषण आग के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की जान चली गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि होटल का 60 वर्षीय मालिक लवकेश बजाज एक आदतन अपराधी है और साल 2025 में फर्जी पासपोर्ट और आधार कार्ड बनाने के आरोप में तिहार जेल में 15 दिन बिता चुका है।
बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी दस्तावेज दिलाने का है आरोप
जनवरी 2025 में दिल्ली पुलिस को सूचना मिली थी कि पहाड़गंज इलाके में एक बांग्लादेशी परिवार फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहा है। पुलिस ने जब छापेमारी की, तो वहां से स्वीटी सरकार और उसकी बेटी पुष्पो सरकार को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान उनके पास से फर्जी भारतीय पासपोर्ट और कई आधार कार्ड मिले, जिन पर साकेत निवासी लवकेश बजाज का आवासीय पता दर्ज था। बजाज ने पैसों के बदले बांग्लादेशी नागरिकों को अपने पते पर फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाने की बात कबूल की थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर तिहार जेल भेजा गया था और फिलहाल यह मामला अदालत में लंबित है।
जलते होटल को छोड़कर भाग गया था बजाज
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद पुलिस ने लवकेश बजाज को दोबारा गिरफ्तार कर चार दिनों की रिमांड पर लिया है। पूछताछ में बजाज ने बेहद संवेदनहीन खुलासा करते हुए माना कि जब होटल में आग लगी, तो वह फंसे हुए लोगों की मदद करने के बजाय डर के मारे अपनी गाड़ी से जलते हुए होटल के सामने से भाग निकला। चूंकि उसके बच्चे विदेश में रहते हैं, पुलिस को उसके देश छोड़कर भागने का भी शक था, जिसके चलते उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
नियमों को ताक पर रखकर चल रहा था होटल
इस पांच मंजिला होटल में सुरक्षा नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई थीं। शुरुआती जांच में सामने आया है होटल बिना किसी फायर एनओसी (Fire NOC) के अवैध रूप से संचालित हो रहा था।
बीएनबी (BnB) कैटेगरी के तहत इसे सिर्फ 6 कमरे चलाने की अनुमति थी, लेकिन यहां बेसमेंट सहित 25 कमरे धड़ल्ले से चल रहे थे। पूरी इमारत में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था, खिड़कियां पूरी तरह सील थीं और मुख्य दरवाजा सेंसर संचालित था, जिससे बिजली कटने के बाद लोग अंदर ही फंस गए।





