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विश्व पर्यावरण दिवस 2026: प्रकृति की रक्षा में आगे बढ़ रहे भारत के 10 ग्रीन शहर

भारत के कई शहर अब केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हरित परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट, हरित क्षेत्र और पर्यावरण-अनुकूल शहरी विकास के जरिए “ग्रीन सिटी” बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यहां भारत के 10 ऐसे उभरते ग्रीन शहरों की सूची दी गई है, जो आने वाले वर्षों में सतत विकास (Sustainable Development) की मिसाल बन सकते हैं।

1. Indore – भारत का सबसे स्वच्छ और स्मार्ट शहर

लगातार कई वर्षों तक स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान हासिल करने वाला इंदौर अब ग्रीन अर्बन डेवलपमेंट का भी मॉडल बन चुका है। शहर में स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट, नदी तट विकास, हरित सार्वजनिक स्थान और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट लागू किए गए हैं।

2. Surat – स्मार्ट और सस्टेनेबल अर्बन मॉडल

सूरत ने कचरा प्रबंधन, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग तथा स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में उल्लेखनीय प्रगति की है। यह शहर देश के सबसे टिकाऊ शहरी मॉडलों में गिना जाता है।

3. Pune – हरित परिवहन की ओर बढ़ता शहर

पुणे में साइकिल ट्रैक, इलेक्ट्रिक बसें, ग्रीन मैराथन और सतत शहरी योजनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं। शहर की पर्यावरण जागरूकता इसे भविष्य के ग्रीन शहरों में शामिल करती है।

4. Mysuru – विरासत और हरित विकास का संगम

मैसूर में लोगों की भागीदारी से हरित सार्वजनिक स्थान, जलवायु-अनुकूल सड़कें और पर्यावरण-अनुकूल शहरी डिजाइन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

5. Bhubaneswar – स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल राजधानी

भुवनेश्वर स्मार्ट सिटी मिशन के तहत हरित अवसंरचना, जल संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।

6. Coimbatore – स्वच्छ ऊर्जा का उभरता केंद्र

कोयंबटूर अपनी हरित औद्योगिक नीतियों, ऊर्जा दक्षता और जल संरक्षण पहलों के कारण दक्षिण भारत के सबसे तेजी से विकसित हो रहे ग्रीन शहरों में शामिल है।

7. Nagpur – इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की राजधानी

नागपुर को भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने वाले अग्रणी शहरों में माना जाता है। यहां हरित परिवहन और सतत शहरी परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

8. Visakhapatnam – समुद्र तट और हरित विकास

विशाखापट्टनम समुद्री पारिस्थितिकी संरक्षण, हरित सार्वजनिक क्षेत्र और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए टिकाऊ शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

निष्कर्ष

भारत के ये शहर दिखाते हैं कि स्वच्छता केवल शुरुआत है। अब लक्ष्य ऐसे शहर बनाना है जहां स्वच्छ ऊर्जा, हरित परिवहन, स्मार्ट तकनीक और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ें। आने वाले दशक में यही शहर भारत के सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट की पहचान बन सकते हैं।

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