लक्षद्वीप जाना हुआ आसान: अब बिना स्पॉन्सर और पुलिस क्लीयरेंस के कर सकेंगे यात्रा

लक्षद्वीप जाना हुआ आसान: अब बिना स्पॉन्सर और पुलिस क्लीयरेंस के कर सकेंगे यात्रा
लक्षद्वीप प्रशासन ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए एंट्री परमिट (Entry Permit) के नियमों में भारी ढील दी है। अब घरेलू पर्यटकों के लिए इस खूबसूरत द्वीप समूह की यात्रा की योजना बनाना पहले से कहीं अधिक सरल और सुगम हो गया है।
नियमों में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?
पहले लक्षद्वीप जाने के लिए पर्यटकों को कई जटिल प्रक्रियाओं और कागजी कार्रवाई से गुजरना पड़ता था। नए दिशा-निर्देशों के तहत अब ये दो बड़ी बाधाएं हटा दी गई हैं:
• स्थानीय स्पॉन्सर की जरूरत नहीं: अब पर्यटकों को लक्षद्वीप के किसी स्थानीय निवासी से स्पॉन्सरशिप या वेरिफिकेशन की आवश्यकता नहीं होगी। यह स्वतंत्र यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत है।
• पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) से मुक्ति: आवेदकों को अब अपने गृहनगर के पुलिस स्टेशनों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। अब प्रशासन और लक्षद्वीप पुलिस आवेदन मिलने के बाद खुद ही आंतरिक सुरक्षा जांच (Security Screening) करेगी।
यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
भले ही नियम आसान हो गए हैं, लेकिन परमिट अभी भी सभी आगंतुकों के लिए अनिवार्य है। पर्यटकों को इन बातों का पालन करना होगा:
• यात्रा से कम से कम 14 दिन पहले परमिट के लिए आवेदन करें।
• आवेदन में उन सभी द्वीपों का स्पष्ट उल्लेख करें जहाँ आप जाना चाहते हैं। बिना अनुमति वाले द्वीपों में प्रवेश वर्जित होगा।
• ट्रांजिट केवल कवरत्ती (Kavaratti) या अगत्ती (Agatti) के माध्यम से होगा, जिसकी अधिकतम अवधि 12 घंटे तय की गई है।
प्रशासन ने विशेष रूप से सलाह दी है कि जब तक परमिट अप्रूव न हो जाए, तब तक फ्लाइट टिकट बुक न करें। इससे परमिट खारिज होने की स्थिति में होने वाले वित्तीय नुकसान से बचा जा सकता है।





