इतिहास रच गईं NDA की बेटियां! पहली महिला बैच की 17 कैडेट्स बनीं सेना, नौसेना और वायुसेना की अधिकारी

भारत के रक्षा इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली पहली महिला कैडेट्स की बैच अब भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी के रूप में शामिल हो गई है। कुल 17 महिला कैडेट्स ने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया है।
यह उपलब्धि भारतीय रक्षा बलों में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
अगस्त 2022 में NDA में हुई थीं शामिल
ये 17 महिला कैडेट्स NDA के 148वें कोर्स का हिस्सा थीं, जिन्होंने अगस्त 2022 में अकादमी में प्रवेश लिया था। कठोर सैन्य प्रशिक्षण और अकादमिक शिक्षा पूरी करने के बाद अब वे देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार हैं।
महिला कैडेट्स को NDA में प्रवेश देने का फैसला देश में रक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।
भारतीय सेना में शामिल हुईं 9 महिला अधिकारी
भारतीय सेना में 9 महिला अधिकारियों को 13 जून 2026 को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान कमीशन प्रदान किया गया।
158वें रेगुलर कोर्स की इस परेड की समीक्षा भारत के राष्ट्रपति ने की। इस अवसर को भारतीय सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा गया।
नौसेना में 3 और वायुसेना में 5 महिला अधिकारी
भारतीय नौसेना में तीन महिला अधिकारियों को 28 मई 2026 को केरल के एझिमाला स्थित भारतीय नौसेना अकादमी (INA) में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान कमीशन मिला।
वहीं भारतीय वायुसेना में पांच महिला अधिकारियों को 13 जून 2026 को हैदराबाद के डुंडीगल स्थित एयर फोर्स अकादमी में आयोजित संयुक्त स्नातक परेड के दौरान शामिल किया गया। इस समारोह की समीक्षा रक्षा मंत्री ने की।
महिलाओं के लिए नई प्रेरणा बनीं अधिकारी
इन महिला अधिकारियों की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह देशभर की लाखों युवतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
उन्होंने साबित कर दिया है कि समर्पण, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर महिलाएं भी रक्षा सेवाओं जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।
भारतीय रक्षा बलों में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हुई है। स्थायी कमीशन से लेकर लड़ाकू भूमिकाओं तक महिलाओं को नए अवसर दिए गए हैं।
NDA की पहली महिला बैच का अधिकारी बनना इस परिवर्तन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
NDA से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली पहली महिला बैच का भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी के रूप में शामिल होना देश के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि न केवल भारतीय रक्षा बलों को और मजबूत बनाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की महिलाओं को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देगी।





