पीएम मोदी का वीडियो हटाने पर मेटा ने मानी गलती, बहाल किया कंटेंट; सरकार ने मांगा जवाब

सोशल मीडिया कंपनी मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाए जाने के मामले में अपनी गलती स्वीकार कर ली है। कंपनी ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि यह वीडियो गलती से हट गया था और अब इसे दोबारा बहाल कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले के बाद केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा के ग्लोबल हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी को तलब किया है और उनसे इस घटना पर जवाब मांगा है।
यह वीडियो प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले सप्ताह NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के प्रदर्शन के बीच जारी किया था। अपने संदेश में उन्होंने छात्रों को “दोस्तों” कहकर संबोधित किया और कहा कि सरकार पेपर लीक जैसे मामलों को गंभीरता से ले रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि पेपर लीक कोई छोटा मामला नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों को परेशानी हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने दोषियों के खिलाफ कई कार्रवाई की हैं।
सरकार ने इसके बाद पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 भी पेश किया। इस विधेयक में पेपर लीक के दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल, अधिक जुर्माना और मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
वहीं, विपक्ष ने प्रधानमंत्री के वीडियो की आलोचना की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से धर्मेंद्र प्रधान को हटाने, प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कदम उठाने और छात्रों से माफी मांगने की मांग की।





