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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के मात्र 12 दिन बाद पड़ी दरारें, 4,200 करोड़ की लागत पर उठे सवाल

उन्नाव के पास मूसलाधार बारिश के बाद एक्सप्रेसवे की सड़क धंसने और उसमें बड़ी दरारें आने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, विपक्ष ने सरकार को घेरा।

उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के महज 12 दिन के भीतर ही गंभीर खामियां सामने आ गई हैं। 4,200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बने इस ग्रीनफील्ड नेशनल एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन इसी साल 13 जुलाई को हुआ था। लेकिन पहली ही तेज बारिश ने इसके निर्माण दावों की पोल खोल दी है।

उन्नाव के पास धंसी सड़क

उन्नाव जिले के कोरारी गांव के पास एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है, जिससे सड़क पर चौड़ी दरारें पड़ गई हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सड़क का करीब 5 से 7 मीटर हिस्सा बैठ गया है। उद्घाटन के इतने कम समय बाद सड़क का इस तरह क्षतिग्रस्त होना अधिकारियों के भी होश उड़ा गया है।

नेताओं ने शेयर किया वीडियो

समाजवादी पार्टी के नेता मधुसूदन यादव ने इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। उन्होंने वीडियो में एक्सप्रेसवे पर पड़ी दरारों को दिखाते हुए कहा कि जब वे इस रास्ते से गुजर रहे थे, तो उन्होंने बारिश के बाद सड़क की यह खस्ताहाल स्थिति देखी। उन्होंने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही से कभी भी बड़ा सड़क हादसा हो सकता है।

अधिकारियों और NHAI पर उठे सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद प्रोजेक्ट की निगरानी और निर्माण गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, वीडियो वायरल होने और मामला तूल पकड़ने के बाद हरकत में आए प्रशासन ने तुरंत मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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