प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस ले सरकार, नहीं तो फिर होगा आंदोलन: CJP की चेतावनी

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि अगर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस नहीं ली गईं, तो पार्टी दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होगी।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक बयान जारी कर केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से अपील की कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज न किया जाए। उन्होंने सभी हिरासत में लिए गए छात्रों को तुरंत रिहा करने की भी मांग की।
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR तुरंत वापस ली जाएं, गिरफ्तार छात्रों को रिहा किया जाए और भविष्य में दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसियों या भाजपा शासित राज्यों की पुलिस किसी भी प्रदर्शनकारी पर नया मामला दर्ज न करे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो CJP फिर से धरने पर बैठेगी।
रांका का यह बयान CJP नेता सौरव दास के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कई जगहों पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
CJP ने कहा कि जंतर-मंतर और देश के अन्य शहरों में हुए प्रदर्शनों को लेकर सरकार ने भरोसा दिया था कि किसी भी प्रदर्शनकारी या स्वयंसेवक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। पार्टी का कहना है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और उम्मीद करती है कि केंद्र और भाजपा/NDA शासित राज्य सरकारें अपने वादे पर अमल करेंगी।
वहीं, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी सरकार से अपना वादा निभाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कोई नया मामला दर्ज न करने और पुराने मामलों को वापस लेने का आश्वासन दिया था। लेकिन बिहार में अब भी कई छात्र जेल में हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगाना पूरी तरह गलत है।
‘रेजिग्नेशन पार्टी’ को लेकर CJP पर उठे सवाल
जंतर-मंतर पर 37 दिन तक चला प्रदर्शन खत्म होने के बाद CJP एक नए विवाद में घिर गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पार्टी के कुछ नेता शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद नाचते और जश्न मनाते दिखाई दिए।
इन वीडियो में CJP के प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य सदस्य जश्न मनाते नजर आए। इस दौरान देश के कई हिस्सों से छात्रों और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और हिरासत की खबरें भी सामने आ रही थीं, जिसके चलते CJP की आलोचना हुई।
हालांकि, आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव दास ने कहा कि उनके आलोचक Gen-Z की आंदोलन करने की शैली को समझ नहीं पा रहे हैं।





