Bihar TRE-3 पेपर लीक मामला: गिरफ्तारियों का आंकड़ा 296 पर पहुंचा, अब एक डॉक्टर गिरफ्तार
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 296 हो गई है।

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जहानाबाद जिले के रहने वाले एक डॉक्टर को सोमवार को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर NEET (UG)-24 पेपर लीक मामले के कथित मास्टरमाइंड संजीव कुमार सिंह उर्फ संजीव मुखिया के बेटे के संपर्क में था।
उम्मीदवारों को हजारीबाग ले जाने का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरफ्तार डॉक्टर ने TRE-3 परीक्षा से दो-तीन दिन पहले (15 मार्च 2024 को आयोजित परीक्षा से पहले) लगभग 30 उम्मीदवारों को पटना से हजारीबाग के एक होटल में पहुंचाया था। इस दौरान उम्मीदवारों को लीक हुआ प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था।
प्रति उम्मीदवार तय हुई थी रकम
आरोप है कि यह सब पैसे के लालच में किया गया था। डॉक्टर को प्रत्येक उम्मीदवार को परीक्षा पास कराने और प्रश्नपत्र दिखाने के एवज में 50,000 रुपये देने का वादा किया गया था।
आरोपी डॉक्टर की पृष्ठभूमि
गिरफ्तार किए गए डॉक्टर ने साल 2021 में पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। वह पहले कैमूर जिले में सरकारी डॉक्टर के रूप में भी सेवा दे चुका है। सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने के बाद वह फिलहाल पोस्टग्रेजुएट मेडिकल पढ़ाई की तैयारी कर रहा था। पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे की जांच कर रही है।





