भारत और जापान 2027 को मनाएंगे ‘ईयर ऑफ शेयर्ड होराइजन्स’, राजनयिक संबंधों के 75 साल होंगे पूरे

भारत और जापान ने साल 2027 को ‘इंडिया-जापान ईयर ऑफ शेयर्ड होराइजन्स’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। यह वर्ष दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के अवसर पर मनाया जाएगा। इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय (MEA) ने दी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश पूरे साल करीब 10 विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। इन कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी पर खास जोर रहेगा, ताकि दोनों देशों के बीच आपसी संबंध और मजबूत हो सकें।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि 2027 की इस खास वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए कई सांस्कृतिक, शैक्षणिक और युवा केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले साल वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए जापान आने का निमंत्रण भी दिया है।
योजना के तहत 28 अप्रैल 2027 वाले सप्ताह को ‘इंडिया-जापान वीक’ के रूप में मनाया जाएगा। इसके अलावा दोनों देशों के लोग भविष्य की साझेदारी को लेकर अपने विचार साझा कर सकें, इसके लिए एक लोगो और थीम प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि IMAGE-75 कार्यक्रम के जरिए मंगा, एनीमे, गेमिंग और नई तकनीकों के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाया जाएगा। वहीं, आइडियाथॉन के दूसरे संस्करण में भारत और जापान के छात्र, विशेषज्ञ, शिक्षाविद और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मिलकर नए नीति सुझाव तैयार करेंगे।
इसके अलावा RASA-75 के तहत दोनों देशों की कला और संस्कृति का उत्सव मनाया जाएगा। जापान से एक बौद्ध प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा, जिससे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूत करने के साथ बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। खेलों के क्षेत्र में SPORT-75 कार्यक्रम के तहत दोनों देशों के बीच खेल सहयोग बढ़ाया जाएगा। इसमें एशियन गेम्स 2026 के दौरान भारत-जापान मैत्री क्रिकेट मैच, क्रिकेट कोचिंग कार्यक्रम और फरवरी 2027 में इंडिया-जापान स्पोर्ट्स वीक का आयोजन शामिल होगा।
इसके अलावा बिजनेस कनेक्ट-75, मिराई-विज्ञान-75 और राज्यों व प्रांतों के बीच नई साझेदारियों के जरिए व्यापार, विज्ञान, तकनीक, शिक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होना दोनों देशों के लिए गर्व का विषय है। इस अवसर पर संस्कृति, पर्यटन और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।




