
गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य में बारिश से जुड़े हादसों में अब तक करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे बुरा हाल वलसाड और नवसारी जिलों का है, जहां अकेले 33 लोगों की जान गई है। ज्यादातर मौतें डूबने और करंट लगने की वजह से हुई हैं।
सेना और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
अहमदाबाद के साणंद और बवला क्षेत्र स्थित औद्योगिक इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। बवला के गलोप्स इंडस्ट्रियल पार्क से जिला पुलिस ने 900 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं बागोदरा तालुका में सेना ने एक अमेज़ॅन वेयरहाउस से 80 से अधिक मजदूरों का रेस्क्यू किया।
नदियां उफान पर, सड़कें बंद
दक्षिण गुजरात की नदियां जैसे अंबिका, कावेरी और पूर्णा खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। नवसारी और वलसाड प्रशासन ने अब तक कुल मिलाकर 35,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। अहमदाबाद-राजकोट नेशनल हाईवे 47 (NH 47) पर यातायात लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा।





