पेपर लीक पर सरकार का बड़ा कदम, सख्त कानून लाने की तैयारी

देशभर में लगातार सामने आए पेपर लीक के मामलों के बाद केंद्र सरकार परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले नए विधेयक को मंजूरी दे दी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि नए कानून से सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और छात्रों का परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार पेपर लीक के मामलों से निपटने के लिए और सख्त कानूनी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा था कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
नए कानून में क्या हो सकते हैं बदलाव?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, नए विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों के लिए मौजूदा कानून से भी ज्यादा कड़ी सजा का प्रावधान किया जा सकता है। साथ ही ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों जैसी विशेष व्यवस्था भी की जा सकती है, ताकि दोषियों को जल्दी सजा मिल सके।
अभी क्या है कानून?
देश में जून 2024 से सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू है। यह कानून यूपीएससी, एसएससी, एनटीए, बैंकिंग भर्ती एजेंसियों और अन्य केंद्रीय संस्थाओं की परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल रोकने के लिए बनाया गया था।
इस कानून के तहत पेपर लीक जैसे अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौतायोग्य हैं। दोषियों को तीन से 10 साल तक की जेल और संगठित अपराध के मामलों में एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले सेवा प्रदाताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि पेपर लीक कोई छोटा मुद्दा नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
पीएम ने बताया कि पिछले ढाई महीनों में पेपर लीक रोकने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सरकार आगे भी ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
सरकार ने अब यह कदम क्यों उठाया?
हाल के समय में नीट पेपर लीक के कथित मामले को लेकर देशभर में विवाद हुआ। विपक्ष ने संसद में इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
इसी माहौल में सरकार परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने और छात्रों का भरोसा बढ़ाने के लिए नया और सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, विधेयक के अंतिम प्रावधान संसद में पेश होने के बाद ही पूरी तरह साफ होंगे।





