पेपर लीक पर पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया, फास्ट-ट्रैक कोर्ट के फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

नई दिल्ली: NEET समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर जारी विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि पेपर लीक के आरोपियों को जल्द और सख्त सजा दिलाने के लिए सरकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाएगी। हालांकि, इस ऐलान के बाद राजनीतिक दलों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि युवाओं का भविष्य और हित सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे और अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं का भविष्य खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रधानमंत्री के ऐलान का स्वागत करने के बजाय अपनी पुरानी मांग दोहराई। पार्टी ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। CJP के संस्थापक ने भी तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर बोलने में 34 दिन लग गए, जबकि सरकार अब भी शिक्षा मंत्री का बचाव कर रही है।
Dharmendra Pradhan Must Resign
धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना होगा https://t.co/0XShqJ6FVG
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 23, 2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया है और जिम्मेदार लोगों को बचाया है। राहुल गांधी ने तीन मांगें रखीं—धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए, छात्रों से माफी मांगी जाए और प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कदम उठाए जाएं।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, कार्ती चिदंबरम और राजीव शुक्ला ने भी सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सिर्फ फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने से समस्या खत्म नहीं होगी। सरकार को यह पता लगाना होगा कि पेपर लीक कैसे हो रहे हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करनी होगी।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी प्रधानमंत्री के फैसले की आलोचना की। सांसद संजय सिंह ने कहा कि पहले पुराने पेपर लीक मामलों में कार्रवाई का जवाब दिया जाए। वहीं, मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि सरकार छोटे आरोपियों पर कार्रवाई की बात कर रही है, लेकिन बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है।
दूसरी ओर, दिल्ली विश्वविद्यालय ने प्रधानमंत्री के फैसले का स्वागत किया है। विश्वविद्यालय ने कहा कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनने से पेपर लीक के दोषियों को जल्दी और कड़ी सजा मिलेगी और इससे छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।





