‘अल्फा’ रिव्यू: आलिया भट्ट-शरवरी की YRF स्पाई यूनिवर्स में फीकी एंट्री, थ्रिलर में सिर्फ ऋतिक रोशन ने भरा रोमांच

यशराज फिल्म्स (YRF) की पहली फीमेल-लीड स्पाई फिल्म ‘अल्फा’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी मुख्य भूमिका में हैं, जबकि बॉबी देओल ने विलेन का किरदार निभाया है। रिलीज से पहले सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अफवाहें थीं, लेकिन रिलीज के बाद तस्वीर कुछ अलग नजर आती है।
फिल्म का निर्देशन शिव रवैल ने किया है। कहानी कर्नल विक्रांत कौल (अनिल कपूर) और उनकी पत्नी जानकी (दिया मिर्जा) से शुरू होती है। जानकी एक गंभीर बीमारी से जूझ रही होती हैं और डॉक्टर उन्हें गर्भपात की सलाह देते हैं। पत्नी और बच्चे को बचाने की कोशिश में विक्रांत एक प्रयोगात्मक सीरम का इस्तेमाल करते हैं, जिसे सेना के अधिकारी फतेह (बॉबी देओल) ने तैयार किया होता है। हालांकि यह फैसला आगे चलकर कई मुश्किलों की वजह बन जाता है और यहीं से कहानी नया मोड़ लेती है।
फिल्म का विषय दिलचस्प है और इसमें एक ऐसी लड़की की कहानी दिखाई गई है, जो वैज्ञानिक प्रयोगों के बीच बड़ी होती है और बाद में अपने अतीत का सामना करती है। लेकिन कहानी का भावनात्मक पक्ष उतना मजबूत नहीं बन पाया, जितनी उम्मीद थी। कई अहम दृश्य बहुत जल्दी खत्म हो जाते हैं, जिससे किरदारों के साथ जुड़ाव महसूस नहीं हो पाता।
पहले हाफ की रफ्तार थोड़ी धीमी लगती है। आलिया भट्ट ने एक्शन सीन्स में मेहनत की है, लेकिन उनका किरदार दर्शकों पर ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ता। वहीं, ऋतिक रोशन की स्पेशल एंट्री फिल्म में नई ऊर्जा भर देती है। स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी और अंदाज दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचता है।
दूसरे हाफ में शरवरी को अपने अभिनय का अलग पक्ष दिखाने का मौका मिलता है। ऋतिक, आलिया और शरवरी का एक साथ वाला सीक्वेंस फिल्म के सबसे बेहतर हिस्सों में गिना जा सकता है। हालांकि इसके बाद कहानी फिर से थोड़ी धीमी पड़ जाती है और क्लाइमैक्स भी हर दर्शक को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाता।
संगीतकार संचित और अंकित बलहारा का बैकग्राउंड स्कोर एक्शन सीन्स को प्रभावशाली बनाने में मदद करता है। अभिनय की बात करें तो शरवरी ने अपनी भूमिका अच्छी तरह निभाई है। अनिल कपूर अपने अनुभव से फिल्म को मजबूती देते हैं। दिया मिर्जा छोटी भूमिका में भी प्रभाव छोड़ती हैं, जबकि बॉबी देओल एक दमदार विलेन के रूप में नजर आते हैं।
कुल मिलाकर, ‘अल्फा’ एक अच्छी तकनीकी प्रस्तुति वाली स्पाई फिल्म है, लेकिन भावनात्मक स्तर पर उतना असर नहीं छोड़ पाती। फिल्म में कुछ यादगार पल जरूर हैं, जिनमें सबसे ज्यादा तारीफ ऋतिक रोशन की मौजूदगी को मिलती है। अगर आप स्पाई एक्शन फिल्मों के शौकीन हैं, तो यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है, लेकिन यह YRF स्पाई यूनिवर्स को नई ऊंचाई देने में पूरी तरह सफल नजर नहीं आती।





