
30 अप्रैल, 2026 को कोयंबटूर जिले के कई हिस्सों में हुई गर्मियों की बारिश ने वन विभाग के लिए एक बड़ी राहत का काम किया है। इस बारिश से न केवल तापमान में गिरावट आई है, बल्कि जंगल की आग (Forest Fire) को रोकने के प्रयासों में भी मदद मिली है।
इन वन क्षेत्रों में हुई भारी बारिश
• वन विभाग के अनुसार, मदुक्करई रेंज को छोड़कर जिले की बाकी छह श्रेणियों में बारिश हुई।
• इन श्रेणियों में बोलुवम्पट्टी, कोयंबटूर, पेरियानायक्कनपालयम, कारमडाई, मेट्टुपलायम और सिरुमुगाई शामिल हैं।
• विशेष रूप से सिरुमुगाई, मेट्टुपलायम और पेरियानायक्कनपालयम के वन क्षेत्रों में गुरुवार शाम को भारी बारिश दर्ज की गई।
आग लगने के जोखिम में कमी
• वन अधिकारियों के अनुसार बारिश ने संभावित आग वाले क्षेत्रों और जमीन पर जमा सूखे बायोमास को गीला कर दिया है।
• कोयंबटूर वन प्रभाग में इस वर्ष अब तक कुल 11 छोटी आग की घटनाएं दर्ज की गई थीं।
• कारमडाई और बोलुवम्पट्टी इन घटनाओं से सबसे अधिक प्रभावित रेंज रहे हैं।
• पेरियानायक्कनपालयम के वन अधिकारी एम। सरवनन ने बताया कि बारिश से आग लगने की संभावना काफी कम हो जाएगी।
पर्यटकों के लिए जानकारी
बोलुवम्पट्टी के वन अधिकारी के। जयचंद्रन के अनुसार, इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों में हल्की फुल्की बारिश हुई है। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ‘कोवई कुटालम’ (Kovai Courtallam) में जल स्तर फिलहाल न्यूनतम है और पर्यटकों को वहां जाने की अनुमति दी जा रही है।
यह मानसूनी फुहारें न केवल वन्यजीवों के लिए जीवनदान साबित हुई हैं, बल्कि वन संपदा की सुरक्षा में तैनात कर्मियों के लिए भी एक बड़ी मदद लेकर आई हैं।





