सावधान! ‘जंप्ड डिपॉजिट’ के नाम पर साइबर ठगों का नया जाल, मिनटों में खाली हो रहा अकाउंट

दुनिया में जैसे-जैसे टेक्नॉलॉजी आगे बढ़ रही है वैसे ही साइबर ठग अपने जाल को बढ़ाते जा रहे हैं. साइब क्रिमिनल्स ने अब UPI के जरिए स्कैम का नया तरीका ढूंढ निकाला है. इस स्कैम का नाम है ‘जंप्ड डिपॉजिट’, इस स्कैम में ठग पहले यूजर के खाते में छोटी सी रकम डालते हैं और फिर चालाकी से बड़ी राशि वापस ठग लेते हैं.
‘जंप्ड डिपॉजिट स्कैम’ क्या है?
यह एक नया UPI साइबर फ्रॉड है. ठग पहले खाते में थोड़ी रकम भेजते हैं, ताकि यूजर यूपीआई एप खोले. इसी दौरान वह फर्जी मनी रिक्वेस्ट भेज देते हैं. जल्दी में बैलेंस चेक करते समय यूजर पिन डाल देता है और अनजाने में रिक्वेस्ट मंजूर हो जाती है. पिन डालते ही रकम ठग के खाते में चली जाती है.
अपराधी इस स्कैम को अंजाम कैसे देते हैं?
मान लीजिए आपके खाते में अचानक UPI के जरिए 50 रुपए जमा होने का मैसेज आता है. इसे देखने के लिए आप तुरंत बैंक एप खोलते हैं और बैलेंस चेक करने केलिए पिन डालते हैं. इसी दौरान ठग 500 रुपए भेजने के लिए आपको एक फर्जी मनी रिक्वेस्ट भेजता है. चूंकि आप पहले से एप में होते हैं, ध्यान नहीं देते और रिक्वेस्ट को सही समझकर दोबार पिन डाल देते हैं. इससे पूरे 500 रुपए ठक के खाते में चले जाते हैं.
इस स्कैम से बचने के लिए सावधानियां जरूरी
इस स्कैम से बचने के लिए यूपीआई यूजर्स को थोड़ी समझदारी और धैर्य बरतने की जरूरत है. खाते में अचानक आई रकम उठाने से नुकसान हो सकता है. इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें.
- UPI PIN कभी शेयर न करें
- अनजान रिक्वेस्ट एक्सेप्ट न करें
- कॉल,मैसेज पर भरोसा न करें
- PIN डालने से पहले नाम/राशि जांचे
- आधिकारिक यूपाई एप यूज करें
- एप पासवर्ड प्रोटेक्टेड रखें
- पब्लिक Wi-Fi से UPI न चलाएं
- हर ट्रांजैक्शन का SMS चेक करें
- रेगुलर बैंक स्टेटमेंट जांचे
- शक हो तो बैंक से संपर्क करें
- साइबर क्राइम में शिकायत करें





