ताज़ा खबरेंमनोरंजनवायरल

Dua Lipa ने Samsung पर ठोका 1.25 अरब रुपये का मुकदमा, बिना अनुमति फोटो इस्तेमाल करने का आरोप

पॉप स्टार Dua Lipa एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार अपनी किसी एल्बम के लिए नहीं, बल्कि दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी सैमसंग (Samsung) के खिलाफ कानूनी जंग को लेकर। दुआ लीपा ने सैमसंग पर उनकी अनुमति के बिना उनके चेहरे और नाम का उपयोग टेलीविजन पैकेजिंग और विज्ञापन अभियानों में करने का आरोप लगाते हुए $15 मिलियन (लगभग ₹125 करोड़) का मुकदमा दायर किया है।

क्या है पूरा मामला?

कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में दायर शिकायत के अनुसार, सैमसंग ने पिछले साल एक बड़े पैमाने पर रिटेल मार्केटिंग कैंपेन शुरू किया था। आरोप है कि इस कैंपेन के दौरान कंपनी ने दुआ लीपा की तस्वीरों को अपने टीवी बॉक्स पर प्रमुखता से छापा। सिंगर का दावा है कि इस विज्ञापन के लिए उनसे न तो कोई अनुमति ली गई और न ही उन्हें किसी प्रकार का मानदेय या मुआवजा (compensation) दिया गया।

Dua Lipa की लीगल टीम का कहना है कि यह उनकी ‘पब्लिसिटी राइट्स’ का सीधा उल्लंघन है। किसी भी बड़े कलाकार की छवि का उपयोग व्यावसायिक लाभ के लिए करने से पहले एक औपचारिक अनुबंध (contract) की आवश्यकता होती है, जिसका इस मामले में पालन नहीं किया गया।

Brand Value और कानूनी पेंच

रिपोर्ट्स के अनुसार, दुआ लीपा ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने इन उत्पादों का किसी भी क्षमता में समर्थन (endorsement) नहीं किया है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि विज्ञापनों में किसी सेलिब्रिटी का चेहरा होने से उपभोक्ता यह मान लेते हैं कि वह कलाकार उस ब्रांड का ब्रांड एंबेसडर है।

फिलहाल, सैमसंग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि यह आरोप सिद्ध होते हैं, तो सैमसंग को न केवल भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है, बल्कि उसे दुनिया भर के बाजारों से अपनी टीवी पैकेजिंग में बदलाव भी करने होंगे।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button