Delhi Fire Tragedy: फायर NOC नहीं, एक ही एग्जिट—21 मौतों की चौंकाने वाली वजहें

New Delhi: नई दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए भीषण होटल अग्निकांड में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इस हादसे में 40 से अधिक लोगों को बचाकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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- इस भीषण आग में 21 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 17 विदेशी नागरिक शामिल हैं। मृतकों में लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोज़ाम्बिक और बांग्लादेश के नागरिक बताए जा रहे हैं।
- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल के पास वैध फायर NOC (No Objection Certificate) नहीं था।
- फायर विभाग के अनुसार 17 फायर टेंडर मौके पर लगाए गए और 37 लोगों को रेस्क्यू किया गया।
- होटल में केवल एक ही एंट्री-एग्जिट प्वाइंट था और वेंटिलेशन की भी गंभीर कमी थी, जिससे आग तेजी से फैल गई।
- बेसमेंट को शटर से बंद किया गया था, जिसे फायरफाइटर्स ने तोड़कर खोला और वहां से 6 लोगों के शव/फंसे हुए लोग मिले।
- पुलिस के अनुसार होटल मालिक लवकेश बजाज फरार है और उसकी अन्य अवैध होटलों की भी जांच चल रही है।
- जांच में सामने आया है कि होटल को केवल 6 कमरों की अनुमति (B&B लाइसेंस) थी, लेकिन इसमें 25 कमरे अवैध रूप से चलाए जा रहे थे, जिनमें बेसमेंट भी शामिल था।
- रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 10 दिल्ली पुलिसकर्मी घायल हुए।
- मैक्स अस्पताल में करीब 39 मरीज लाए गए, जिनमें 18 को मृत घोषित किया गया और कई ICU में गंभीर हालत में हैं।
- पुलिस इस मामले में गैर-इरादतन हत्या (culpable homicide not amounting to murder) का केस दर्ज करने की तैयारी में है।
बेसमेंट रेस्टोरेंट से शुरू हुई आग, दो होटलों तक फैली
जानकारी के अनुसार आग सुबह करीब 8:50 बजे फ्लोरिश स्टे होटल के बेसमेंट में स्थित रेस्टोरेंट में लगी। यह होटल पांच मंजिला इमारत के एक संकरे इलाके में स्थित था। आग बाद में पास के मिकासा इन होटल तक भी फैल गई। मौके पर दमकल की कई गाड़ियां और रेस्क्यू टीमें भेजी गईं, जिन्होंने आग पर काबू पाया और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
40 से अधिक लोग थे अंदर, ज्यादातर विदेशी मेहमान
प्रशासन के अनुसार घटना के समय इमारत में लगभग 40 लोग मौजूद थे। इनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे, जो भारत में इलाज के लिए आए मरीजों के साथ ठहरे हुए थे। अधिकतर लोग हादसे के समय सो रहे थे, जिससे बचाव कार्य और मुश्किल हो गया।
खतरनाक लापरवाही के संकेत, नियमों का उल्लंघन
सूत्रों के मुताबिक फ्लोरिश स्टे होटल को दिल्ली सरकार ने बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) श्रेणी के तहत केवल 6 कमरों की अनुमति दी थी, लेकिन यह होटल कथित तौर पर 25 कमरों तक चलाया जा रहा था। इनमें बेसमेंट का भी उपयोग किया जा रहा था।
अधिकारियों द्वारा यह भी जांच की जा रही है कि होटल के पास फायर NOC था या नहीं। बताया जा रहा है कि इमारत में केवल एक ही एंट्री और एग्जिट था, जिसने हादसे के दौरान स्थिति को और गंभीर बना दिया।
आग से बचने के लिए लोगों ने खिड़कियों से लगाई छलांग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगाई। स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे बिछाकर कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की। कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं।
पीएम और मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने भी घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पीड़ितों को हर संभव मदद दी जा रही है।
जांच जारी, कारण अभी स्पष्ट नहीं
अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस, फायर विभाग और अन्य एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।





