‘Digital Arrest’ स्कैम: बेंगलुरु की महिला से 24 करोड़ की ठगी, छह गिरफ्तार

साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों के बीच, ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) का एक भयावह मामला सामने आया है। बेंगलुरु में एक 74 वर्षीय महिला को ठगों ने अपना शिकार बनाकर 24 करोड़ रुपये की भारी रकम से चूना लगा दिया। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ठगों ने खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का वरिष्ठ अधिकारी बताकर महिला को धमकाया और उसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया। 10 फरवरी से 24 अप्रैल के बीच, आरोपियों ने महिला को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया कि उसने डर के मारे 26 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 23 ‘म्यूल’ बैंक खातों में 24 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
कैसे बची और रकम?
जब ठगों ने और पैसे ऐंठने की कोशिश की और पीड़िता 3 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन लेकर उन्हें देने की तैयारी कर रही थी, तभी ICICI बैंक के सतर्क अधिकारियों ने संदिग्ध गतिविधियों को पहचान लिया। उन्होंने तुरंत साइबर कमांड यूनिट को अलर्ट किया, जिससे पीड़िता के 3 करोड़ रुपये डूबने से बच गए।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
बेंगलुरु पुलिस के साइबर कमांड ने जांच के दौरान 10 राज्यों में फैले बैंक खातों को फ्रीज किया। पुलिस महानिदेशक (साइबर कमांड) प्रणब मोहंती के अनुसार, जांच के दौरान कई म्यूल अकाउंट्स को फ्रीज करके 4 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बचाई गई है, जबकि अदालत के आदेशों के माध्यम से लगभग 1.50 करोड़ रुपये की वसूली भी की गई है। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए छह मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
सावधानी ही बचाव है
‘डिजिटल अरेस्ट’ एक उभरता हुआ साइबर क्राइम ट्रेंड है। याद रखें, कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर पैसे की मांग नहीं करती है। यदि आपको ऐसा कोई कॉल आता है, तो तुरंत घबराएं नहीं और नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।





