राजस्थान में 3 लाख में बेची गई महिला को झारखंड पुलिस ने कराया मुक्त, दर्दनाक आपबीती आई सामने

झारखंड (सिमडेगा): मानव तस्करी (Human Trafficking) का एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। सिमडेगा जिले की एक 22 वर्षीय महिला, जिसे नौकरी दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर ले जाया गया था, उसे राजस्थान में 3 लाख रुपये में बेच दिया गया। लंबे समय तक नरक जैसी यातनाएं सहने के बाद आखिरकार झारखंड पुलिस ने उसे सकुशल मुक्त करा लिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता वर्ष 2023 में एक व्यक्ति के झांसे में आकर दिल्ली गई थी, जिसने उसे नौकरी दिलाने का वादा किया था। दिल्ली में उसे एक प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से घरेलू काम में लगा दिया गया। कुछ दिनों बाद, वह उस घर से भाग निकली।
जब वह दिल्ली के आनंद विहार बस स्टैंड के पास भटक रही थी, तब मेरठ के एक जोड़े ने उसे अपनी बातों में फंसा लिया और उसे अपने साथ ले गए। इसके बाद, उस जोड़े ने महिला को राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक परिवार को 3 लाख रुपये में बेच दिया। बाड़मेर में वह परिवार की कैद में रही, जहाँ उसे न केवल अमानवीय यातनाओं का सामना करना पड़ा, बल्कि इसी दौरान उसने एक बच्चे को भी जन्म दिया।
पुलिस की तत्परता से मिली आजादी
महिला ने जैसे-तैसे अपनी मां से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने 20 मई को सिमडेगा के एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस की इस टीम ने तत्परता दिखाते हुए बाड़मेर में दबिश दी और पीड़िता को मुक्त कराकर सुरक्षित घर वापस ले आई।
यह घटना एक बार फिर देश में सक्रिय मानव तस्करों के नेटवर्क की ओर इशारा करती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।






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