NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला: CBI की चार्जशीट में तीन शिक्षकों के नाम, बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 की परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले ने पूरे देश में हड़कंप मचा रखा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस मामले की गहन जांच कर रही है और अब जांच एजेंसी ने इस साजिश के पीछे के मुख्य किरदारों का खुलासा किया है। खबरों के अनुसार, CBI जल्द ही इस मामले में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल करने वाली है, जिसमें तीन शिक्षकों के नाम मुख्य आरोपियों के रूप में शामिल होंगे।
क्या है पूरा मामला?
CBI की जांच में यह बात सामने आई है कि परीक्षा के पेपर लीक के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। जांच के दौरान तीन प्रमुख शिक्षकों की पहचान की गई है, जिन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर परीक्षा के प्रश्न पत्रों को लीक किया। इन शिक्षकों ने आर्थिक लाभ के लिए छात्रों तक पेपर पहुँचाने का काम किया था।
चार्जशीट में शामिल प्रमुख नाम:
- पी.वी. कुलकर्णी: पूर्व रसायन विज्ञान (Chemistry) लेक्चरर, लातूर।
- मनीषा मंदहारे: वनस्पति विज्ञान (Botany) लेक्चरर, पुणे।
- मनीषा हवलदार: भौतिक विज्ञान (Physics) शिक्षक, पुणे।
जांच के अनुसार, इन शिक्षकों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा नियुक्त होने के दौरान प्रश्न पत्रों तक अपनी पहुँच का दुरुपयोग किया। रसायन, जीव विज्ञान और भौतिकी के प्रश्न पहले ही लीक कर दिए गए थे।
कैसे अंजाम दिया गया खेल?
जांच में पता चला है कि मनीषा मंदहारे ने अप्रैल 2026 में पुणे स्थित अपने आवास पर विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित की थीं। वहां मनीषा वाघमारे की मदद से चयनित छात्रों को लीक हुए प्रश्न और उनके सही उत्तर लिखाए गए थे। छात्रों के हाथों से लिखे गए नोट्स परीक्षा के वास्तविक प्रश्न पत्र से पूरी तरह मेल खाते पाए गए। वहीं, हवलदार और कुलकर्णी ने भी अपनी पहुँच का इस्तेमाल कर पेपर लीक में मदद की।
CBI ने अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और कई डिजिटल उपकरण जैसे लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए हैं। हालांकि चार्जशीट में NTA के किसी अधिकारी का नाम नहीं है, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के सभी पहलू अभी खुले रखे गए हैं।





