DRC में इबोला आउटब्रेक से चिंता बढ़ी, WHO प्रमुख ने लोगों को दिया भरोसा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयेसस ने गुरुवार को कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में फैले इबोला वायरस को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को रोकने के लिए वह “अपनी पूरी ताकत लगा देंगे” और लोगों को भरोसा दिलाया कि वे इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं।
WHO के अनुसार, 24 मई तक इबोला के 1,000 से ज्यादा संदिग्ध और पुष्टि वाले मामले सामने आए हैं। इनमें 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 223 संदिग्ध मौतों की भी जानकारी मिली है। बाद की रिपोर्ट्स में 105 पुष्ट मामले और 900 से ज्यादा संदिग्ध मामलों का जिक्र किया गया। पड़ोसी देश युगांडा में भी सात मामले और एक मौत दर्ज की गई है।
यह प्रकोप मुख्य रूप से इटुरी प्रांत में फैला है, जहां 90 प्रतिशत से ज्यादा मामले सामने आए हैं। अधिकारियों को आशंका है कि वायरस अन्य इलाकों में भी फैल सकता है। टेड्रोस ने इलाके में सक्रिय हथियारबंद समूहों से संघर्ष रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिंसा और लोगों के विस्थापन की वजह से इबोला को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है।
WHO ने बताया कि इस बार इबोला का दुर्लभ “बुंडीबुग्यो” स्ट्रेन फैला है, जिसका फिलहाल कोई खास इलाज उपलब्ध नहीं है। हालांकि समय पर इलाज और सावधानी से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। संयुक्त राष्ट्र की कई एजेंसियां DRC और युगांडा की सरकारों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। टेड्रोस ने कहा कि सभी एजेंसियां मिलकर इस बीमारी को रोकने की कोशिश कर रही हैं।
यह DRC में इबोला का 17वां प्रकोप है। इससे पहले 2018 से 2020 के बीच फैला इबोला प्रकोप सबसे बड़ा था, जिसने नॉर्थ किवू, साउथ किवू और इटुरी क्षेत्रों को बुरी तरह प्रभावित किया था।
टेड्रोस ने युवाओं से डर और अफवाहों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने लोगों से समय पर इलाज कराने और संक्रमित लोगों के अंतिम संस्कार में सावधानी बरतने को कहा।





