US-Iran Conflict: अमेरिका ने फिर शुरू किए ईरान पर हवाई हमले, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले के बाद बढ़ा तनाव

US-Iran Conflict: अमेरिका ने गुरुवार को ईरान के खिलाफ अपने हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर कथित ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले की कोशिश के बाद यह सैन्य कार्रवाई की गई। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है और क्षेत्रीय संघर्ष गहराने की आशंका पैदा कर दी है।
CENTCOM ने क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह लगभग 5:30 बजे सैन्य कार्रवाई शुरू की गई। CENTCOM ने इसे ईरान की कथित मिसाइल कार्रवाई का “शक्तिशाली जवाब” बताया।
अमेरिका का दावा है कि जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाकर दागी गई सभी बैलिस्टिक मिसाइलों को समय रहते इंटरसेप्ट कर लिया गया, जिससे किसी भी प्रकार का नुकसान या हताहत नहीं हुआ।
IRGC ने ली हमले की जिम्मेदारी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कथित तौर पर इस मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ली है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, IRGC ने दावा किया कि उसने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
ईरान में कई जगह धमाकों की खबर
अमेरिकी हमलों के बाद ईरानी सरकारी मीडिया ने दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में विस्फोटों की सूचना दी। रिपोर्टों के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज स्थित क़ेश्म द्वीप और बुशेहर में कई धमाके हुए।
कुछ रिपोर्टों में एक रिहायशी इलाके में मिसाइल गिरने की भी बात कही गई है, लेकिन फिलहाल किसी आधिकारिक एजेंसी ने हताहतों की पुष्टि नहीं की है।
ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस हमले का कड़ा जवाब देगा।
उन्होंने कहा, “हम उन्हें बहुत जोरदार जवाब देंगे।” हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि यदि बातचीत सफल रहती है तो कूटनीतिक समाधान की संभावना अभी भी बनी हुई है।
अस्थायी विराम के बाद फिर शुरू हुई कार्रवाई
अमेरिका ने कुछ समय पहले कूटनीतिक प्रयासों को मौका देने के लिए सैन्य अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया था। लेकिन जॉर्डन में कथित मिसाइल हमले के बाद सैन्य कार्रवाई फिर शुरू कर दी गई।
यह घटनाक्रम ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हालिया बैठक के बाद सामने आया है, जिसमें ईरान प्रमुख मुद्दों में शामिल था।
क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका
हाल के दिनों में अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित समूहों के खिलाफ संयुक्त अभियान भी चलाया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी और सऊदी ठिकानों पर ड्रोन हमलों की बढ़ती घटनाओं के बाद यह कार्रवाई की गई थी।
ताजा घटनाक्रम के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष कूटनीतिक संपर्क जारी रहने की भी जानकारी सामने आई है।





