लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा शुरू, सरकार ने 10 घंटे की बहस का दिया प्रस्ताव

नई दिल्ली: लोकसभा में मंगलवार को पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस बिल पर खुलकर चर्चा चाहती है और जरूरत पड़ने पर बहस का समय 10 घंटे तक बढ़ाने के लिए भी तैयार है।
रिजिजू ने सदन में बताया कि उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और एनसीपी समेत सभी प्रमुख दलों के नेताओं से बात की है। सभी दलों की सहमति से पहले तय 6 घंटे की चर्चा को बढ़ाकर 8 घंटे करने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को और समय चाहिए तो सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। जरूरत पड़ने पर चर्चा 10 घंटे तक भी कराई जा सकती है।
इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह संशोधन 2024 में बने कानून को और मजबूत बनाने के लिए लाया गया है। इसका मकसद परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और सुरक्षित बनाना है, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों को उनका सही हक मिल सके।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में समय-समय पर पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए सरकार ने इस कानून को और सख्त बनाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों को संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-Bailable) अपराध बनाया गया है, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य छात्रों के भविष्य की रक्षा करना और परीक्षा व्यवस्था में लोगों का भरोसा मजबूत करना है।





