दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस, आपराधिक रिकॉर्ड वालों को नहीं मिलेगी राहत
जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने का आदेश जारी हुआ है। हालांकि, पहले से आपराधिक मामलों का सामना कर रहे लोगों पर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

दिल्ली सरकार ने छात्र प्रदर्शनकारियों के लिए एक बड़ा राहत भरा कदम उठाया है। सरकार ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेने का फैसला किया है। 30 जुलाई को जारी आदेश के मुताबिक, आंदोलन में शामिल सामान्य छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
13 मामलों को बंद करने का आदेश
दिल्ली पुलिस द्वारा 29 जुलाई तक कुल 13 मामले दर्ज किए गए थे। सरकार के नए आदेश के अनुसार, इन सभी मामलों को आगे की किसी भी न्यायिक प्रक्रिया के बिना बंद माना जाएगा। साथ ही, गिरफ्तार किए गए छात्रों की रिहाई की प्रक्रिया को भी तेज किया जा रहा है।
आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को नहीं मिलेगी छूट
प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह राहत केवल सामान्य प्रदर्शनकारियों के लिए है। जिन लोगों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड या पुराना इतिहास रहा है, उन पर यह आदेश लागू नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत ऐसे लोगों की सख्त जांच की जाएगी।
अन्य राज्यों में भी वापस लिए गए मामले
दिल्ली से पहले बिहार, असम और पश्चिम बंगाल में भी छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की घोषणा की जा चुकी है। सीजेपी (CJP) नेतृत्व द्वारा सरकार को दी गई समयसीमा और चेतावनी के बाद देश के कई राज्यों में यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है।





