जर्मनी से अमेरिकी सैनिकों में बड़ी कटौती के संकेत, Donald Trump का बयान; NATO में बढ़ा तनाव

Washington DC: वॉशिंगटन से आई एक बड़ी खबर में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सैन्य मौजूदगी को बड़े स्तर पर कम कर सकता है। यह कदम पहले से प्रस्तावित 5,000 सैनिकों की वापसी से भी आगे जा सकता है।
5,000 सैनिकों की वापसी से भी आगे की तैयारी
पेंटागन पहले ही जर्मनी से करीब 5,000 सैनिकों को 6 से 12 महीनों के भीतर वापस बुलाने की योजना की पुष्टि कर चुका है। लेकिन अब ट्रंप ने साफ किया है कि यह सिर्फ शुरुआत है और इससे कहीं ज्यादा कटौती की जा सकती है।
“और ज्यादा कटौती करेंगे” — ट्रंप
रिपोर्टर्स से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका “काफी ज्यादा” सैनिकों को कम करने जा रहा है। हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई तय संख्या या समयसीमा नहीं बताई।
NATO सहयोगियों में चिंता
इस बयान के बाद NATO के सहयोगी देशों और अमेरिकी सांसदों में चिंता बढ़ गई है। जर्मनी में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी को यूरोप में सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन के लिए अहम माना जाता है।
जर्मनी में बड़ा सैन्य केंद्र
Germany में अमेरिका की बड़ी सैन्य तैनाती है, जो यूरोप में ऑपरेशन और लॉजिस्टिक्स के लिए एक प्रमुख हब के रूप में काम करती है। ऐसे में इस फैसले का असर क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।
जर्मन नेतृत्व के साथ बढ़ा तनाव
यह कदम जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz के साथ राजनीतिक तनाव को भी बढ़ा सकता है। उन्होंने पहले ही यूरोपीय देशों से रक्षा के मामले में ज्यादा जिम्मेदारी लेने की अपील की है।
ईरान और वैश्विक मुद्दों का भी असर
अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच पहले से ही कई मुद्दों पर मतभेद हैं, जिनमें रक्षा खर्च, व्यापार और Iran से जुड़ा तनाव शामिल है।
रणनीति में बदलाव का संकेत
ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यह कदम अमेरिका की वैश्विक सैन्य रणनीति को नया आकार देने का हिस्सा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि कुछ सैनिकों को अन्य क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है या अमेरिका वापस बुलाया जा सकता है।
अभी अंतिम फैसला नहीं
हालांकि पेंटागन ने अभी तक अतिरिक्त सैनिकों की कटौती पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। यह स्पष्ट नहीं है कि इस प्रस्ताव को कब और कैसे लागू किया जाएगा।





