G7 शिखर सम्मेलन: फ्रांस में जुटे दुनिया के दिग्गज, अमेरिका-ईरान युद्ध विराम पर टिकी नजरें

G7 Summit: सोमवार, 15 जून 2026 को फ्रांस के एक खूबसूरत लेकसाइड रिसॉर्ट में G7 देशों के नेताओं का महाकुंभ शुरू हो रहा है। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया में बड़े राजनीतिक और कूटनीतिक बदलाव देखे जा रहे हैं।
अमेरिका-ईरान समझौते पर चर्चा
इस सम्मेलन में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा अमेरिका और ईरान के बीच हुआ प्रारंभिक समझौता है। जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी को खत्म करने का आदेश दिया है और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही है। ईरान ने भी सभी मोर्चों पर युद्ध रोकने की घोषणा की है।
इस समझौते पर विस्तृत चर्चा शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में होने वाली है। G7 नेता इस समझौते की बारीकियों को समझने के लिए उत्सुक हैं।
यूक्रेन और अन्य वैश्विक मुद्दे
शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की भी मौजूद रहेंगे। मंगलवार, 16 जून को उनकी बैठक नेताओं के साथ निर्धारित है, जहां यूक्रेन में रूसी हमलों के धीमे पड़ने और अधिक सैन्य सहायता की मांग पर चर्चा होने की संभावना है।
इसके अलावा, दुनिया भर में आर्थिक असंतुलन और चीन के प्रभुत्व को कम करने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर भी गहन मंथन किया जाएगा।
मैक्रों के लिए ‘डिप्लोमैटिक कैपस्टोन’
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के लिए यह शिखर सम्मेलन काफी अहम है। उनके दूसरे और अंतिम कार्यकाल का यह एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पड़ाव है। मैक्रों इस मंच का उपयोग वैश्विक आर्थिक मुद्दों को सुलझाने और विभिन्न देशों के बीच आम सहमति बनाने के लिए करना चाहते हैं।
सम्मेलन में भारत, ब्राजील, केन्या और दक्षिण कोरिया को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जो वैश्विक चर्चाओं में अपनी भूमिका निभाएंगे।





