फैक्ट चेक: बहराइच में रामगोपाल की हत्या के आरोपियों पर हुई कार्रवाई का नहीं है यह वीडियो, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: बहराइच में रामगोपाल की हत्या के आरोपियों पर हुई कार्रवाई का नहीं है यह वीडियो, जानें पूरा सच
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक क्षतिग्रस्त कॉलोनी का है जहाँ एक कतार में कई टूटी हुई इमारतों को देखा जा सकता है। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ‘यह क्षतिग्रस्त इमारतें बहराइच में राम गोपाल की हत्या के आरोपियों के घरों की है। जिसे सीएम योगी के आदेश के बाद बुलडोज़र एक्शन में तोड़ दिया गया।
फेसबुक पर वायरल वीडियो शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “बाबा बुलडोजर का न्याय है, वीर रामगोपाल की हत्या करने वालों आतंकियों आखें फाड़ के देख लो…. ये बाबा का न्याय है बहराइच का वजीरगंज बना…गाज़ा जिस गली से पत्थर निकलेगा उस गली में बुलडोज़र घूमेगा गोपाल को जिन्होंने मारा था उनके घरों को जमीदोज़ कर दिया गया है बुलडोजर बाबा जिंदाबाद।”

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।
फैक्ट चेक:
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने कुछ संबंधित कीवर्ड्स से गूगल पर खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें सबसे पहले NDTV की वेबसाइट पर सितंबर 26, 2024 को छपा एक लेख मिला। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बहराइच जिले के कैसरगंज तहसील क्षेत्र स्थित एक गांव की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई 23 संपत्तियों को उच्च न्यायालय के आदेश पर बुधवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज करा दिया गया था।

उपरोक्त मिली जानकारी के मुताबिक हमने गूगल पर खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें UP Tak के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी उपरोक्त लेख की जानकारी मिली। यहाँ बताया गया था कि यूपी के बहराइच में सितंबर 25, 2024 को बड़ा बुलडोज़र एक्शन हुआ। यहां अवैध निर्माण पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। इस बुलडोजर कार्रवाई में जिले के सराय जगना (वजीरगंज बाजार) में स्थित करीब 23 अवैध भवनों-दुकानों को ध्वस्त किया गया।
यहाँ बताया गया है कि यह सभी इमारतें सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने थे। इसको लेकर स्थानीय प्रशासन ने कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया था, मुनादी भी कराई थी, लेकिन उन्होंने कब्जा नहीं छोड़ा। इसके बाद अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब ध्वस्तीकरण किया गया। बता दें कि हाईकोर्ट ने 23 मई, 2023 को ही अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।
पड़ताल के दौरान हमने वायरल वीडियो एक एक्स प्रोफाइल पर भी मिला, जहां यूपी पुलिस ने जानकारी दी थी कि उक्त वीडियो कोर्ट के आदेश पर पर अवैध निर्माण पर हुई कार्रवाई का है, जिसे भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
— BAHRAICH POLICE (@bahraichpolice) October 19, 2024
पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो बहराइच की हालिया घटना से संबंधित नहीं है। वायरल वीडियो असल में उस दौरान का है जब उच्च न्यायलय ने बहराइच जिले के कैसरगंज तहसील क्षेत्र स्थित एक गांव की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई 23 संपत्तियों पर हुई कार्रवाई का है।





