चंद्रमा पर बसेगी इंसान की कॉलोनी, नासा ने पेश किया 20 अरब डॉलर का मिशन

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रमा पर मानव की स्थायी मौजूदगी स्थापित करने के लिए एक बड़ा और महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है। इसके तहत नासा ने तीन विशेष चंद्र मिशनों और एक लंबे समय के “मून बेस” कार्यक्रम की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य चंद्रमा पर एक स्थायी मानव बस्ती तैयार करना है।
नासा के प्रशासक NASA के अधिकारी जारेड आइजैकमैन ने बताया कि यह लगभग 20 अरब डॉलर की योजना है। इसके तहत ऐसे आधार ढांचे विकसित किए जाएंगे, जिनमें रोवर्स, ड्रोन और वैज्ञानिक उपकरण शामिल होंगे, ताकि अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की कठिन परिस्थितियों में सुरक्षित रह सकें और काम कर सकें।
उन्होंने कहा कि अमेरिका एक बार फिर चंद्रमा पर लौटने जा रहा है और यह मून बेस मानवता का पहला ऐसा ठिकाना होगा जो किसी अन्य ग्रह पर बनाया जाएगा। नासा की योजना के अनुसार, 2028 में आर्टेमिस-III मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद धीरे-धीरे इस मिशन को एक स्थायी चंद्र बस्ती में बदला जाएगा।
इस योजना के तहत पहले तीन मून बेस मिशन शुरू किए जाएंगे। पहला मिशन “मून बेस-1” ब्लू ओरिजिन के ब्लू मून मार्क 1 एंड्योरेंस लैंडर का उपयोग करेगा। यह मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास शैकलटन क्षेत्र में वैज्ञानिक उपकरण पहुंचाएगा।
इस मिशन में ऐसे कैमरे और उपकरण शामिल होंगे जो चंद्र सतह पर लैंडर के प्रभाव और धूल के व्यवहार का अध्ययन करेंगे। साथ ही एक लेजर सिस्टम भी भेजा जाएगा, जो अंतरिक्ष यानों की नेविगेशन प्रणाली को बेहतर बनाएगा।
दूसरा मिशन “मून बेस-2” इस साल के अंत में लॉन्च किया जाएगा। इसमें 1,100 पाउंड से अधिक सामान एस्ट्रोबोटिक के ग्रिफिन लैंडर के जरिए भेजा जाएगा। इस मिशन में एक रोवर भी शामिल होगा, जो चंद्र सतह पर चलने की तकनीक और भविष्य के वाहन संचालन का परीक्षण करेगा।
नासा का कहना है कि ये सभी मिशन भविष्य में मानव मिशनों को सुरक्षित और सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।





