भारत सरकार की नई पहल: SARTHAK-PDS योजना से बदलेगी राशन वितरण व्यवस्था

भारत सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक बनाने और उसे अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी SARTHAK-PDS योजना की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश भर में राशन वितरण की दक्षता में सुधार करना और लाभार्थियों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करना है।
क्या है SARTHAK-PDS योजना?
आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह योजना मौजूदा PDS प्रणाली को बदलने के लिए नहीं, बल्कि उसे सुदृढ़ करने के लिए है। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से खाद्यान्न वितरण की पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है। इस परियोजना के लिए सरकार ने 24,350 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक, यानी पाँच वर्षों की अवधि के लिए लागू की गई है।
AI-आधारित तीन प्रमुख मॉड्यूल
इस योजना के तहत SMART-PDS प्रणाली को पेश किया गया है, जिसमें तीन अत्याधुनिक AI-संचालित मॉड्यूल शामिल हैं:
1 NIRMAL: यह एक AI-संचालित वास्तविक समय (real-time) लाभार्थी रजिस्ट्री है, जो अंतर-मंत्रालयी एकीकरण और विभिन्न सरकारी योजनाओं को एक साथ लाने में मदद करेगी।
2 ASHA: यह एक बहुभाषी AI शिकायत और नागरिक जुड़ाव मंच है। इसे WhatsApp, IVRS और चैटबॉट के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है, जो प्रतिदिन 3 लाख तक इंटरैक्शन को संभालने में सक्षम है।
3 SAKSHAM: यह एक AI-सक्षम आपूर्ति श्रृंखला मंच है, जो वाहन ट्रैकिंग, QR ट्रेसिबिलिटी, मांग पूर्वानुमान और मार्ग अनुकूलन (route optimization) जैसी सुविधाओं से लैस है।
अपेक्षित लाभ
इस पहल से खाद्यान्न परिवहन में 15% से 50% तक की कमी आने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, आपूर्ति श्रृंखला में सुधार के कारण खाद्यान्न ढुलाई से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में 35% की गिरावट आने का अनुमान है। SARTHAK-PDS योजना डिजिटल इंडिया के विजन को आगे बढ़ाते हुए खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी।





