
तमिलनाडु के नवनियुक्त CM Vijay ने दिल्ली में PM Modi के साथ एक महत्वपूर्ण 20-मिनट की बैठक की। सत्ता संभालने के बाद यह उनका पहला आधिकारिक दिल्ली दौरा था, जहाँ उन्होंने राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों को प्रधानमंत्री के समक्ष रखा।
प्रमुख चर्चा के बिंदु
1. मेकेदातू बांध विवाद
मुख्यमंत्री विजय ने कर्नाटक सरकार द्वारा प्रस्तावित मेकेदातू बांध परियोजना पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि जल शक्ति मंत्रालय को इस परियोजना को मंजूरी न देने के निर्देश दिए जाएं। विजय के अनुसार, यह बांध कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरुद्ध है और इससे तमिलनाडु में पानी की उपलब्धता प्रभावित होगी। दूसरी ओर, कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने की बात कही है, जिसे लेकर दोनों राज्यों के बीच तनाव बना हुआ है।
2. राज्य गान का मुद्दा
बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण मांग राज्य गान को सरकारी कार्यक्रमों में बजाने की अनुमति को लेकर थी। यह संदर्भ गृह मंत्रालय के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें कहा गया था कि जब राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत साथ बजाए जाएं, तो बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ के सभी छह छंदों को पहले गाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अपने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान वंदे मातरम, राष्ट्रगान और राज्य गीत ‘तमिल थाई वाजथु’ का उपयोग किया था।
3. सांस्कृतिक विरासत
मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी का हाल ही में हॉलैंड से प्राचीन तांबे की प्लेटें (ancient copper plates) वापस लाने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
यह पहली मुलाकात तमिलनाडु और केंद्र के बीच भविष्य के संबंधों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, विशेषकर कावेरी जल विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर।





