भारत में Ebola का खतरा टला? बेंगलुरु में भर्ती युगांडा की महिला की रिपोर्ट निगेटिव

Ebola Virus Alert: बेंगलुरु में इबोला संक्रमण की आशंका के बाद आइसोलेट की गई युगांडा की 28 वर्षीय महिला की शुरुआती जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को स्पष्ट किया कि भारत में अब तक इबोला वायरस डिजीज (EVD) का कोई पुष्टि किया गया मामला सामने नहीं आया है।
बेंगलुरु में Ebola संदिग्ध महिला की रिपोर्ट निगेटिव, 48 घंटे निगरानी जारी
महिला 23 मई को अहमदाबाद होते हुए बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पहुंची थी। यात्रा के कुछ दिन बाद हल्का शरीर दर्द और थकान महसूस होने पर एहतियात के तौर पर उसे इंदिरानगर स्थित सरकारी एपिडेमिक डिजीज हॉस्पिटल में निगरानी के लिए भर्ती किया गया था।
महिला के सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए थे, जहां शुरुआती जांच में इबोला संक्रमण नहीं पाया गया। हालांकि स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत 48 घंटे बाद दोबारा जांच की जाएगी और महिला फिलहाल निगरानी में रहेगी।
अस्पताल में आइसोलेशन, जांच रिपोर्ट का इंतजार
महिला को बेंगलुरु के इंदिरानगर स्थित सरकारी महामारी रोग अस्पताल (Epidemic Diseases Hospital) में भर्ती किया गया है। उसके सैंपल लेकर पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक रिपोर्ट अगले दो दिनों में आने की संभावना है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि महिला की हालत फिलहाल स्थिर है और उसमें कोई गंभीर लक्षण नहीं पाए गए हैं।
केंद्र सरकार ने क्या कहा?
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला के हालिया मामलों को देखते हुए भारत स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल किसी भी इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है और सभी जरूरी निगरानी तथा जांच प्रक्रियाएं लागू हैं।
कर्नाटक में बढ़ाई गई तैयारी
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने संभावित स्थिति को देखते हुए बेंगलुरु और मंगलुरु में अलग-अलग क्वारंटीन, आइसोलेशन और उपचार केंद्र चिन्हित किए हैं।
बेंगलुरु में:
- राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिजीज — आइसोलेशन सेंटर
- एपिडेमिक डिजीज हॉस्पिटल — क्वारंटीन और इलाज केंद्र
मंगलुरु में:
- श्रीनिवास पोर्ट हॉस्पिटल — क्वारंटीन सुविधा
- वेनलॉक जिला अस्पताल — आइसोलेशन और उपचार केंद्र
WHO की चेतावनी के बाद बढ़ी निगरानी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हाल ही में युगांडा और कांगो में इबोला प्रकोप को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की श्रेणी में रखा है। इसके बाद भारत सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निगरानी, अस्पताल तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा से लौटने वाले यात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लक्षण पर तुरंत जांच करानी चाहिए।





