इस्लामिक उपदेशक शम्सुल हुदा खान के खिलाफ ईडी की कार्रवाई, मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस्लामिक उपदेशक मौलाना शम्सुल हुदा खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है। ईडी ने शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 को यह जानकारी दी। शम्सुल हुदा खान फिलहाल यूनाइटेड किंगडम (यूके) में रह रहा है। ईडी की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (UP ATS) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, शम्सुल हुदा खान को साल 1984 में एक सरकारी सहायता प्राप्त मदरसे में सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। उसने 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता हासिल कर ली थी। इसके बावजूद आरोप है कि वह 2013 से 2017 के बीच भारत में शिक्षक की नौकरी से जुड़ा वेतन लेता रहा, जबकि वह न तो भारतीय नागरिक था और न ही भारत में रहकर अपनी सेवाएं दे रहा था।
ईडी के मुताबिक, पिछले करीब 20 वर्षों में शम्सुल हुदा खान कई विदेशी देशों की यात्रा करता रहा। इस दौरान उसे भारत में मौजूद 7 से 8 बैंक खातों के जरिए कई करोड़ रुपये की रकम मिलने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने देश में 12 से ज्यादा अचल संपत्तियां खरीदीं, जिनकी कुल कीमत 30 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
एजेंसी का कहना है कि शम्सुल हुदा खान पर धार्मिक शिक्षा की आड़ में कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने और अवैध फंडिंग करने के आरोप हैं। वह उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है और उसने अपनी एनजीओ ‘राजा फाउंडेशन’ के जरिए, साथ ही अपने निजी बैंक खातों से, कई मदरसों को धन भेजा। जानकारी के मुताबिक, उसने आजमगढ़ और संत कबीर नगर में दो मदरसे भी स्थापित किए थे, जिनका पंजीकरण बाद में संबंधित अधिकारियों ने रद्द कर दिया।
ईडी यह भी जांच कर रही है कि शम्सुल हुदा खान के ब्रिटेन में मौजूद कट्टरपंथी संगठनों से क्या संबंध हैं। इसके अलावा, उसके पाकिस्तान जाने और वहां के चरमपंथी संगठनों से संपर्क होने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। एजेंसियों का दावा है कि वह पाकिस्तानी कट्टरपंथी संगठन ‘दावत-ए-इस्लामी’ से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल ईडी आरोपी से जुड़े फंडिंग नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और उसकी संपत्तियों की विस्तृत जांच कर रही है।





