महिला आरक्षण बिल पर राहुल गांधी का आरोप “सरकार असली मुद्दा छिपा रही है”

New Delhi: संसद में शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल पर तीखी बहस देखने को मिली, जहां कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह बिल महिला सशक्तिकरण से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक और चुनावी मंशा छिपी हुई है।
“यह महिला बिल नहीं है”
Rahul Gandhi ने अपने भाषण में कहा कि सरकार द्वारा पेश किया गया संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2023 में लाए गए महिला आरक्षण कानून से अलग है। उनके अनुसार असली महिला आरक्षण बिल पहले ही पास हो चुका था, जिसे लागू करने में देरी की बात कही गई थी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य महिलाओं को अधिकार देना नहीं, बल्कि देश के चुनावी ढांचे में बदलाव करना है।
“महिलाओं के नाम पर छिपाई जा रही राजनीति”
कांग्रेस नेता ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह महिला सशक्तिकरण के नाम पर असली मुद्दों को छिपा रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिला आरक्षण चाहती है, तो पहले से पास बिल को तुरंत लागू किया जाना चाहिए था।
2023 कानून से तुलना
Rahul Gandhi ने यह भी कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% आरक्षण का प्रावधान था। उनके अनुसार उसी कानून को लागू करने के बजाय नया ढांचा लाया जा रहा है, जो विवाद पैदा कर रहा है।
विपक्ष का समर्थन, लेकिन शर्त के साथ
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अगर सरकार पुराने कानून को लागू करती, तो सभी विपक्षी दल तुरंत समर्थन करते। लेकिन वर्तमान प्रस्तावित विधेयक पर सवाल उठना जरूरी है।
महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में सियासी टकराव तेज हो गया है। एक तरफ सरकार इसे महिला सशक्तिकरण का बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष का कहना है कि इसके पीछे चुनावी और राजनीतिक बदलाव की रणनीति छिपी है।





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