PM मोदी का बड़ा फैसला: काफिले के वाहनों में 50% कटौती का आदेश

New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशासनिक और ऊर्जा बचत से जुड़ा बड़ा फैसला लेते हुए अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत कटौती करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम देश में ईंधन खपत कम करने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच प्रशासनिक अनुशासन बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। यह निर्णय बुधवार (13 मई 2026) को सामने आया, जिसके बाद स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) ने इसे लागू करना शुरू कर दिया है।
SPG को EV बढ़ाने का निर्देश
प्रधानमंत्री ने सुरक्षा एजेंसी SPG को निर्देश दिया है कि उनके काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाई जाए। हालांकि स्पष्ट किया गया है कि इसके लिए नए वाहन नहीं खरीदे जाएंगे और मौजूदा संसाधनों का ही उपयोग किया जाएगा। SPG ने सुरक्षा मानकों के अनुसार ‘Blue Book’ नियमों का पालन करते हुए इस बदलाव को लागू करना शुरू कर दिया है ताकि सुरक्षा और नीति दोनों संतुलित रहें।
राज्यों में भी दिखा असर
इस निर्णय के बाद भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में भी प्रशासनिक स्तर पर इसी तरह की पहल देखने को मिल रही है। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का फैसला लिया है। इनमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला
सूत्रों के अनुसार यह निर्णय बढ़ती ऊर्जा जरूरतों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता को देखते हुए लिया गया है। सरकार का मानना है कि संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग और ईंधन बचत इस समय की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने हाल ही में कहा था कि देश को विदेशी निर्भरता कम करने और घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
विदेशी खर्च और ऊर्जा संरक्षण पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक विदेशी यात्रा से बचें और सोने की गैर-जरूरी खरीद को कम से कम एक वर्ष के लिए टालें। उन्होंने घरेलू पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की भी बात कही। उनका कहना है कि विदेशी मुद्रा बचाना केवल आर्थिक नीति नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है।
यह कदम सरकार की व्यापक austerity नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत प्रशासनिक खर्च कम करना और ऊर्जा संरक्षण को प्राथमिकता देना शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में केंद्र और राज्यों में ऐसे और सुधार देखने को मिल सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह निर्णय केवल काफिले में कटौती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा बचत, प्रशासनिक अनुशासन और आर्थिक जिम्मेदारी की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। SPG द्वारा इसे लागू किए जाने के बाद यह नीति अब व्यावहारिक स्तर पर दिखाई देने लगी है।





