LinkedIn ने किया बड़ा बदलाव, अब यूजर्स का डेटा AI ट्रेनिंग के लिए होगा इस्तेमाल

प्रोफेशनल नेटवर्किंग साइट LinkedIn ने चुपचाप एक बड़ा कदम उठाया है, जो दुनिया भर के लाखों यूजर्स को प्रभावित कर सकता है। 3 नवंबर 2025 से LinkedIn ने अपने यूजर्स की प्रोफाइल, पोस्ट, रिज्यूमे और पब्लिक एक्टिविटी को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है — और यह फीचर डिफॉल्ट रूप से चालू (On) है।
Microsoft के स्वामित्व वाली इस कंपनी ने पुष्टि की है कि यह नया नियम यूके, यूरोपियन यूनियन (EU), यूरोपियन इकोनॉमिक एरिया (EEA), स्विट्जरलैंड, कनाडा और हांगकांग के यूजर्स पर लागू है। यानी अगर आप इन क्षेत्रों में हैं और आपने सेटिंग नहीं बदली है, तो आपकी प्रोफेशनल जानकारी अब LinkedIn के AI सिस्टम्स में जा रही है।
LinkedIn अपने यूजर्स के वर्क हिस्ट्री, स्किल्स, शेयर की गई पोस्ट्स और इंटरैक्शन पैटर्न जैसे डाटा का इस्तेमाल कर रहा है ताकि उसके AI टूल्स और फीचर्स को बेहतर बनाया जा सके। इसमें जॉब रिकमेंडेशन, कंटेंट सुझाव और राइटिंग असिस्टेंस जैसे फीचर्स को सुधारने के लिए यह डेटा काम आएगा।
कंपनी ने इस बदलाव की घोषणा सितंबर 2025 में की थी और यूजर्स को इसके लिए प्रतिक्रिया देने के लिए केवल एक महीने से थोड़ा ज्यादा समय दिया गया। कंपनी ने बताया कि वह इसे “legitimate interest” (वैध हित) के तहत लागू कर रही है, जो डेटा प्रोटेक्शन कानूनों के अंतर्गत आता है।
हालांकि, कई प्राइवेसी एडवोकेट्स और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस कदम पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह “opt-out” पॉलिसी है, यानी फीचर अपने आप चालू रहेगा और अगर यूजर नहीं चाहता कि उसका डेटा इस्तेमाल हो, तो उसे खुद जाकर इसे बंद करना पड़ेगा। इससे लोगों के निजी और प्रोफेशनल डेटा के गलत इस्तेमाल का खतरा बढ़ सकता है।
अगर आप नहीं चाहते कि LinkedIn आपका डेटा AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल करे, तो आप सेटिंग्स में जाकर इसे बंद कर सकते हैं:
Settings & Privacy → Data Privacy → Data for Generative AI Improvement
यहां जाकर टॉगल को ऑफ कर दें।





