पर्ल्स ग्रुप पर ED का बड़ा शिकंजा, लुधियाना और जयपुर की 37 प्रॉपर्टी अटैच

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पर्ल्स ग्रुप (PACL) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने जांच के दौरान 1,986 करोड़ रुपये से अधिक की नई संपत्तियों को अटैच किया है। ये संपत्तियां पंजाब के लुधियाना और राजस्थान के जयपुर में स्थित हैं। इसके साथ ही इस मामले में अब तक जब्त की गई कुल संपत्तियों की कीमत बढ़कर 7,589 करोड़ रुपये हो गई है।
ईडी लंबे समय से इस मामले की जांच कर रही है, जो केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के एक पुराने केस पर आधारित है। यह मामला PACL लिमिटेड और उसके प्रमोटर निर्मल सिंह भंगू के खिलाफ दर्ज किया गया था। भंगू का अगस्त 2024 में निधन हो चुका है। जांच एजेंसी के मुताबिक, PACL ने एक अवैध निवेश योजना चलाई थी, जिसके जरिए देशभर के लाखों निवेशकों से 60,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई गई।
ईडी का कहना है कि निवेशकों को खेती की जमीन बेचने और उसे विकसित करने का लालच देकर पैसे लगाए गए। लोगों से नकद या किश्तों में भुगतान लिया गया और बदले में उनसे भ्रामक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए, जिनमें एग्रीमेंट और पावर ऑफ अटॉर्नी शामिल थे। जांच में सामने आया है कि अधिकांश निवेशकों को कभी जमीन नहीं मिली और अब भी करीब 48,000 करोड़ रुपये की रकम वापस नहीं की गई है।
एजेंसी के अनुसार, घोटाले से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल महंगी संपत्तियां खरीदने में किया गया। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कुल 37 संपत्तियों को अटैच किया गया है, जिनकी अनुमानित कीमत 1,986.48 करोड़ रुपये है। ईडी इस मामले में अब तक तीन चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वर्ष 2016 में दर्ज यह केस देश के सबसे बड़े पोंजी स्कीम घोटालों में से एक माना जाता है।





