AI साइंस-टेक्नोलॉजी

AI रेस में चीन की बढ़त पर Nvidia CEO चिंतित, ऊर्जा और टैलेंट को बताया अहम फैक्टर

Nvidia के CEO Jensen Huang ने हाल ही में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में चीन को AI चिप बेचने को लेकर चल रही चिंताओं को सिरे से खारिज कर दिया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब चीन जल्द ही अपना नया AI मॉडल DeepSeek V4 लॉन्च करने वाला है।

Dwarkesh Patel के साथ बातचीत में Jensen Huang ने कहा कि उन्हें यह सोच बिल्कुल सही नहीं लगती कि चीन को चिप बेचने से अमेरिका कमजोर हो जाएगा। उन्होंने इस तरह की सोच को “हार मानने वाली मानसिकता” बताया।

Huang ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका चीन पर चिप्स के निर्यात पर ज्यादा रोक लगाएगा, तो इसका उल्टा असर हो सकता है। उनका कहना है कि चीन पहले से ही अपने घरेलू टेक्नोलॉजी जैसे Huawei के चिप्स और DeepSeek जैसे AI मॉडल के जरिए अपना सिस्टम तैयार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि DeepSeek का नया V4 मॉडल खासतौर पर गैर-अमेरिकी हार्डवेयर के लिए तैयार किया गया है। अगर तकनीकी दूरी (decoupling) बढ़ती रही, तो यह अमेरिका के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

इस मुद्दे पर चल रही बहस के बीच Huang ने Anthropic के CEO Dario Amodei की उस टिप्पणी की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने AI चिप्स बेचने की तुलना “उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार देने” से की थी। Huang ने इस तुलना को पूरी तरह गलत और बेवकूफी भरा बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि चीन के पास पहले से ही पर्याप्त कंप्यूटिंग क्षमता मौजूद है और उसे अलग-थलग करने की कोशिश करना सही रणनीति नहीं होगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, Nvidia की कोशिशों के बाद Trump प्रशासन ने हाल ही में एक समझौते के तहत कंपनी को चीन में H-200 चिप बेचने की अनुमति दी है। इसके बदले सरकार को 25 प्रतिशत फीस मिलेगी।

हालांकि Nvidia का नया B200 चिप Huawei के प्रोसेसर से काफी बेहतर बताया जा रहा है, लेकिन Huang ने चिंता जताई कि चीन ऊर्जा क्षमता और टैलेंट के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो भविष्य में AI विकास के लिए अहम होंगे।

कुल मिलाकर, Jensen Huang का मानना है कि चीन को टेक्नोलॉजी से दूर रखने की बजाय संतुलित रणनीति अपनाना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

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