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पेपर लीक आंदोलन को लेकर राहुल गांधी का केंद्र पर वार, पुलिस कार्रवाई को बताया क्रूर

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों को न्याय नहीं, बल्कि गोलियां और पेलेट्स मिल रहे हैं।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक घायल छात्र दिखाई दे रहा है। दावा किया गया है कि यह छात्र पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से दागे गए पेलेट्स से घायल हुआ था।

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा, “साहिल हाथ में तिरंगा लेकर सिर्फ निष्पक्ष परीक्षा और अपनी मेहनत का हक मांग रहा था। लेकिन पुलिस ने उस पर पेलेट्स चला दिए और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। यह अंग्रेजों का शासन नहीं, बल्कि आज़ाद भारत में मोदी सरकार की क्रूरता है, जहां अपने अधिकार मांगने वाले छात्रों को न्याय की जगह पेलेट्स मिल रहे हैं।”

हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। इनमें स्पेशल कमिश्नर से लेकर एसीपी स्तर के अधिकारी और कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वहीं, झड़प में करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

इस बीच, शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन को मंजूरी दी। सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य पेपर लीक के मामलों पर और सख्त कार्रवाई करना है। सूत्रों के मुताबिक, यह संशोधन विधेयक 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात जारी अपने वीडियो संदेश में पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कानून लाने का भरोसा दिया था।

वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने NEET परीक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपना 26 दिन का अनशन समाप्त कर दिया।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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