ऑटोमैटिक कॉल सिस्टम से विदेशी ठगी करने वाले गिरोह का गुरुग्राम में भंडाफोड़

गुरुग्राम पुलिस ने सेक्टर 28 में एक अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज को बंद कर दिया, जो अंतरराष्ट्रीय VoIP कॉल्स को स्थानीय नंबरों में बदलकर रोज़ाना 1,000 से अधिक ठगी के प्रयासों को अंजाम देता था।
पुलिस ने 30 साल की कुंग पानमे को 11 फरवरी को गिरफ्तार किया। यह छापा इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के सहयोग से मारा गया। कुंग पानमे के पति, जो चीन में बैठे साजिशकर्ताओं के साथ समन्वय का काम करता था, अभी फरार हैं।
जांच में पता चला कि अपराधी “वर्चुअल सिम बॉक्स” का इस्तेमाल कर कॉल की असली पहचान छुपा रहे थे। चीन स्थित साइबर अपराधी भारतीय नागरिकों को डिजिटल एरस्ट, गेमिंग और निवेश धोखाधड़ी के लिए टारगेट कर रहे थे। ये कॉल्स गुरुग्राम के फ्लैट में भेजी जाती थीं, जहाँ “VDMS Apk App” वाले स्मार्टफोन इन्हें स्थानीय GSM कॉल में बदल देते थे, ताकि कॉल्स भारतीय नंबरों से आ रही लगें और टेलीकॉम सुरक्षा को चकमा दे सकें।
पुलिस ने फ्लैट से सात मोबाइल फोन, एक वाई-फाई मोडेम और सक्रिय सिम कार्ड जब्त किए। इस उपकरण की मदद से अपराधी ऑटोमैटिक डायलिंग सिस्टम चला रहे थे, जिससे एक कॉल खत्म होते ही अगला टारगेट अपने आप जुड़ जाता था।
पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क में देशी “म्यूल्स” का इस्तेमाल करके विदेश से होने वाले साइबर अपराध को अंजाम दिया जा रहा था। यह व्यवस्था इस तरह बनाई गई थी कि विदेशी ठगी कॉल्स भारतीय मोबाइल नंबरों से आती दिखाई दें और पकड़ में न आएँ।





