खेलताज़ा खबरें

एशिया कप ट्रॉफी विवाद: बीसीसीआई ने उठाई आवाज़, खेल भावना पर उठे सवाल

एशिया कप 2025 के फ़ाइनल में पाकिस्तान पर भारत की कड़ी टक्कर वाली जीत के बाद मैदान के बाहर माहौल तनावपूर्ण हो गया, क्योंकि विवादों ने टीम इंडिया की जीत पर ग्रहण लगा दिया.

रविवार को सूर्यकुमार यादव और उनके साथियों द्वारा प्रतिष्ठित ख़िताब जीतने के बावजूद, पारंपरिक ट्रॉफ़ी वितरण एक विवाद का विषय बन गया, जब ट्रॉफ़ी एशियाई क्रिकेट परिषद के प्रमुख और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नक़वी के हाथों में चली गई.

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने एक कड़े बयान में बताया कि भारतीय टीम ने ट्रॉफ़ी स्वीकार करने से इनकार क्यों किया.

सैकिया ने एएनआई को बताया, “भारत एक देश के साथ युद्ध लड़ रहा है, और उस देश के एक नेता को हमें ट्रॉफ़ी सौंपनी थी… हम ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफ़ी स्वीकार नहीं कर सकते जो उस देश का प्रतिनिधित्व करता है जो हमारे देश के ख़िलाफ़ युद्ध लड़ रहा है.”

उन्होंने आगे कहा, “हमने वह ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह सज्जन ट्रॉफी और हमारे देश को दिए जाने वाले पदक अपने होटल के कमरे में ले जाएँगे. यह बिल्कुल अप्रत्याशित है, और हमें उम्मीद है कि उन्हें सद्बुद्धि आएगी. हम आज के पुरस्कार वितरण समारोह में उस सज्जन के व्यवहार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराएँगे.”

सैकिया ने इस “खेल भावना के विरुद्ध” कृत्य की निंदा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने कहा, “हमने एसीसी अध्यक्ष, जो पाकिस्तान के प्रमुख नेताओं में से एक हैं, से एशिया कप 2025 की ट्रॉफी न लेने का फैसला किया है. इसलिए हमने उनसे ट्रॉफी न लेने का फैसला किया. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह सज्जन पदकों के साथ ट्रॉफी भी ले जाएँगे. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और खेल भावना के विरुद्ध है, और हम आशा करते हैं कि ट्रॉफी और पदक जल्द से जल्द भारत को लौटा दिए जाएँगे.”

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button