West Bengal Election 2026: EVM आरोपों के बीच ममता बनर्जी का देर रात स्ट्रॉन्गरूम दौरा, 4 घंटे रहीं मौजूद

Kolkata में गुरुवार देर रात उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब Mamata Banerjee ने EVM से छेड़छाड़ के आरोपों के बीच खुद स्ट्रॉन्गरूम पहुंचकर करीब चार घंटे तक निगरानी की। मतगणना से ठीक दो दिन पहले हुए इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है।
स्ट्रॉन्गरूम पहुंचीं ममता, उठाए गंभीर सवाल
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया कि बिना अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बैलेट स्टोरेज यूनिट्स तक पहुंच बनाई गई। इन शिकायतों के बाद ममता बनर्जी अपने चुनाव एजेंट के साथ Sakhawat Memorial School पहुंचीं, जहां भवानीपुर सीट के लिए EVM रखी गई हैं।
करीब चार घंटे तक अंदर रहने के बाद वह आधी रात के बाद बाहर आईं और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर कड़ी चेतावनी दी।
“जनता के वोट से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं”
ममता बनर्जी ने कहा कि वोटों की सुरक्षा सबसे जरूरी है और किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पारदर्शिता के लिए CCTV कैमरे लगाने का सुझाव भी दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआत में केंद्रीय बलों ने उन्हें अंदर जाने से रोकने की कोशिश की।
TMC का विरोध प्रदर्शन, नेताओं ने उठाए सवाल
इसी बीच Netaji Indoor Stadium के बाहर TMC नेताओं ने धरना दिया। पार्टी प्रवक्ता Kunal Ghosh और मंत्री Shashi Panja ने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्गरूम खोलने की सूचना समय पर नहीं दी गई और उनके कार्यकर्ताओं को अंदर जाने नहीं दिया गया।
Election Commission ने आरोपों को किया खारिज
Election Commission of India ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि EVM पूरी तरह सुरक्षित हैं और सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया है। आयोग के अनुसार, सभी स्ट्रॉन्गरूम सील कर दिए गए हैं और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू है।
BJP का पलटवार, बताया “डर का संकेत”
Bharatiya Janata Party ने TMC के आरोपों को बेबुनियाद बताया। नेता Tapas Roy ने कहा कि यह सिर्फ डर फैलाने की कोशिश है। वहीं Amit Malviya ने ममता बनर्जी के दौरे को “सबसे बड़ा एग्जिट पोल” बताते हुए तंज कसा।
4 मई को होगी मतगणना, सुरक्षा कड़ी
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर मतदान पूरा हो चुका है और अब 4 मई को कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना होगी। यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है, जहां BJP और TMC के बीच सीधी टक्कर है।
EVM को लेकर उठे ये आरोप और देर रात का यह घटनाक्रम दिखाता है कि पश्चिम बंगाल चुनाव कितना संवेदनशील और हाई-वोल्टेज हो चुका है। अब सबकी नजर 4 मई की मतगणना पर टिकी है, जहां असली तस्वीर सामने आएगी।





