Digital Arrest के नाम पर मुंबई के बुजुर्ग से 50 लाख की ठगी: रहें सावधान

आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध के तरीके लगातार बदल रहे हैं। हाल ही में मुंबई से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 77 वर्षीय बुजुर्ग को ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) के नाम पर 50 लाख रुपये का चूना लगाया गया। यह घटना हमें साइबर सुरक्षा के प्रति और अधिक सतर्क रहने की चेतावनी देती है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के घाटकोपर इलाके में रहने वाले एक लेबर लॉ एडवाइजर को अज्ञात जालसाजों ने फोन किया। खुद को दिल्ली से प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताकर, उन्होंने बुजुर्ग को डराया कि उनके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते का उपयोग अवैध वित्तीय गतिविधियों में हो रहा है।
ठगों ने डर का माहौल बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी और संपत्ति जब्त करने के आदेश का हवाला दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने विश्वास दिलाने के लिए व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए फर्जी कानूनी कार्यवाही का नाटक भी किया और बुजुर्ग को इस बारे में किसी से बात न करने का निर्देश दिया।
कैसे बचें Digital Arrest स्कैम से?
जालसाजों के दबाव और कानूनी कार्रवाई के डर से, बुजुर्ग ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तुड़वाई और RTGS के जरिए 50 लाख रुपये अपराधियों द्वारा बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में धोखाधड़ी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
याद रखें:
कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस अधिकारी कभी भी व्हाट्सएप कॉल के जरिए कानूनी कार्यवाही नहीं करता है।
किसी भी अनजान व्यक्ति के दबाव में आकर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और न ही कोई भुगतान करें।
ऐसी कॉल आने पर तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल से संपर्क करें।
यदि आपके साथ या आपके किसी परिचित के साथ ऐसा होता है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। सतर्क रहें और सुरक्षित रहें।






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