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Twisha Sharma की मौत का मामला, शव को सुरक्षित रखने के लिए नहीं मिल रही 80 डिग्री की सुविधा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है। Twisha Sharma नामक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में उनके वैवाहिक घर में फांसी पर लटकती हुई लाश मिली थी। इस घटना को बीते आठ दिन हो चुके हैं, लेकिन अब भी उनके परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए शव लेने से इनकार कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

ट्विशा शर्मा के परिजनों ने जांच में गंभीर खामियों का आरोप लगाते हुए दोबारा पोस्टमार्टम (Autopsy) की मांग की थी, जिसे स्थानीय अदालत ने खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि AIIMS भोपाल के मेडिकल बोर्ड और आरोपियों के बीच किसी भी मिलीभगत का कोई सबूत रिकॉर्ड पर नहीं है और पहले पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी की गई थी।

शव को सुरक्षित रखने की चुनौती

वर्तमान में ट्विशा का शव AIIMS भोपाल की मोर्चरी में -4 डिग्री सेल्सियस पर रखा गया है, जो लंबे समय तक शव को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि शव के बेहतर संरक्षण के लिए इसे -80 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता है, लेकिन पूरे भोपाल में ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।

न्यायालय ने संबंधित थाना प्रभारी (SHO) को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत अन्य मेडिकल संस्थानों से जानकारी प्राप्त करें कि क्या मध्य प्रदेश या अन्य मेट्रो शहरों में ऐसी लो-टेंपरेचर फैसिलिटी उपलब्ध है ताकि शव को जल्द से जल्द सुरक्षित रखा जा सके।

गौरतलब है कि Twisha की शादी दिसंबर 2025 में वकील समर्थ सिंह से हुई थी। परिवार ने दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। जहां समर्थ सिंह की मां (एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश) को अग्रिम जमानत मिल गई है, वहीं मुख्य आरोपी पति फिलहाल फरार है, जिस पर पुलिस ने 30,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।

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