दिल्ली: साइबर ठगी के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ खुलवाने वाला बैंक मैनेजर गिरफ्तार, 67.92 करोड़ का हुआ लेनदेन

नई दिल्ली: साइबर अपराधों के खिलाफ दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। हाल ही में, दिल्ली पुलिस ने एक को-ऑपरेटिव बैंक के डिप्टी मैनेजर को साइबर धोखाधड़ी में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने नियमों को ताक पर रखकर एक ऐसा बैंक अकाउंट खुलवाया, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधियों ने करोड़ों की ठगी के लिए ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में किया।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस जांच के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर एक खाते के खिलाफ लगातार शिकायतें दर्ज हो रही थीं। जांच में पता चला कि ‘महाकाल एंटरप्राइजेज’ के नाम से खुले इस खाते का इस्तेमाल देशभर में 159 से अधिक साइबर धोखाधड़ी के मामलों में किया गया था। इस अकाउंट के जरिए कुल 67.92 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ था।
कैसे खुली बैंक मैनेजर की पोल?
पुलिस ने जब इस अकाउंट से जुड़े शैलेंद्र कुमार यादव से पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने न तो कभी बैंक में खाता खुलवाया और न ही कभी बैंक शाखा गए। उनके हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए। इसके बाद पुलिस ने बैंक के आंतरिक रिकॉर्ड की जांच की, जिससे खुलासा हुआ कि यह खाता डिप्टी मैनेजर पवित्र कुमार बिस्वाल की देखरेख में खोला और अनुमोदित (approve) किया गया था।
पूछताछ के दौरान, बिस्वाल ने स्वीकार किया कि उसने केवाईसी (KYC) नियमों की अनदेखी की और बिना किसी भौतिक सत्यापन (physical verification) के यह खाता खोल दिया। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। फिलहाल, दिल्ली पुलिस इस पूरे साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लाभार्थियों की पहचान करने के लिए जांच को आगे बढ़ा रही है।
यह मामला बैंकिंग क्षेत्र में ‘नो योर कस्टमर’ (KYC) और ड्यू डिलिजेंस के महत्व को रेखांकित करता है।






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