सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण पर दिल्ली वायु गुणवत्ता पैनल को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में वायु गुणवत्ता की निगरानी और प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त कदम ना उठाने के लिए शुक्रवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की खिंचाई की. अदालत ने पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की प्रथा पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय वायु गुणवत्ता पैनल को भी आड़े हाथों लिया है. सुनवाई करने वाले बेंच पैनल में जस्टिस अभय एस ओका और एजी मसीह शामिल थे.
न्यायमूर्ती ओका ने कहा, अधिनियम का पूरी तरह से गैर-अनुपालन हुआ है. क्या समितियों का गठन किया गया है? कृपया हमें उठाया गया एक भी कदम दिखाएं, आपने अधिनियम के तहत किन निर्देशों का उपयोग किया है? जहा हलफनामा देखिए. हमें एस 12 और अन्य के तहत जारी किया गया एक भी निर्देश दिखाएं.
उन्होंने आगे कहा, यह सब हवा में है, उन्होंने एनसीआर राज्यों को जो कहा है उसमें कुछ भी नहीं दिखाया है.
शीर्ष अदालत ने मंगलवार को सीएक्यूएम से पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए किए गए उपायों के बारे में विस्तृत स्पष्टकरण मांगा था. पीठ ने विशेष रूप से आयोग से 27 सितंबर तक अपना जवाब देने को कहा था, जब वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह, जो न्याय मित्र के रुप में अदालत की सहायता कर रही हैं, ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए संकेत दिया था कि दिल्ली के सीमावर्ती राज्यों के आसपास पराली जलाना शुरु हो चुका है.






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