G7 Summit 2026: PM मोदी और ट्रंप की आज अहम मुलाकात, व्यापार समझौते और ऊर्जा सुरक्षा पर होगी चर्चा

France: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज G7 Summit 2026 के दौरान द्विपक्षीय बैठक कर सकते हैं। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापार मार्गों को लेकर दुनिया भर में चिंता बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी और ट्रंप के बीच होने वाली वार्ता में पश्चिम एशिया की स्थिति, ऊर्जा आपूर्ति, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
ऊर्जा सुरक्षा और तेल आपूर्ति पर रहेगा फोकस
भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत बनाने पर बातचीत का विशेष जोर रहने की उम्मीद है। दोनों देश वैश्विक तेल बाजार में जारी अनिश्चितताओं के बीच स्थिर ऊर्जा आपूर्ति और दीर्घकालिक साझेदारी को बढ़ाने के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाने और ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को विस्तार देने पर भी चर्चा हो सकती है।
अंतिम चरण में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता (Bilateral Trade Agreement) भी बैठक के प्रमुख एजेंडों में शामिल रहेगा। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
फरवरी में दोनों देशों के बीच एक अंतरिम सहमति बनी थी, जिसके बाद व्यापक व्यापार समझौते का रास्ता साफ हुआ। व्हाइट हाउस भी संकेत दे चुका है कि पीएम मोदी और ट्रंप की बैठक में इस समझौते को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और एलएनजी (LNG) का परिवहन होता है।
इस मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा कीमतों पर पड़ सकता है।
G7 मंच से पीएम मोदी ने उठाया समुद्री सुरक्षा का मुद्दा
G7 Summit के दौरान आयोजित विशेष सत्र “Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity” को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों का स्वागत किया, लेकिन क्षेत्र में जारी तनाव के गंभीर प्रभावों को लेकर चिंता भी जताई।
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार में रुकावटों का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। साथ ही भारतीय नागरिकों की मौतों का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संघर्षों का स्थायी समाधान केवल संवाद, कूटनीति और सामूहिक अंतरराष्ट्रीय प्रयासों से ही संभव है।
समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर जोर
पीएम मोदी ने वैश्विक समुद्री व्यापार से जुड़े नाविकों (Seafarers) की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया को जोड़ने वाले समुद्री मार्ग सुरक्षित रहने चाहिए और नाविकों को बिना किसी भय के अपना कार्य करने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि भारत समुद्री सुरक्षा, सुरक्षित व्यापार मार्गों और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत इस वर्ष G7 Summit में साझेदार देश (Partner Nation) के रूप में शामिल हो रहा है। यह G7 Outreach प्रक्रिया में भारत की 13वीं भागीदारी है।





