Sonam Wangchuk Hunger Strike Day 20: डॉक्टरों ने जताई अंगों पर असर की आशंका, 20वें दिन भी अनशन जारी

Sonam Wangchuk Hunger Strike Day 20: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुक्रवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गई। उनकी सेहत लगातार बिगड़ने पर डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि अनशन जारी रहा तो शरीर के आंतरिक अंग प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
वांगचुक NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
डॉक्टरों ने स्वास्थ्य को लेकर दी गंभीर चेतावनी
शुक्रवार सुबह जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक का वजन घटकर 56.55 किलोग्राम रह गया है। पिछले 24 घंटे में उनका वजन 350 ग्राम कम हुआ है।
डॉक्टरों के मुताबिक उनका रक्तचाप 108/68, ब्लड शुगर 70 mg/dL और पल्स 72 प्रति मिनट दर्ज की गई। जांच में कीटोन बॉडी मिलने के बाद डॉक्टरों ने कहा कि अब शरीर उस चरण में पहुंच चुका है जहां लंबे समय तक भूखे रहने से अंगों पर असर पड़ सकता है।
‘20 जुलाई तक हर हाल में जिंदा रहूंगा’
प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वह 20 जुलाई तक हर हाल में अनशन जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को संसद की ओर प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च लोकतंत्र के प्रति लोगों की आवाज को मजबूत करेगा। उन्होंने समर्थकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील भी की।
कई नेताओं और हस्तियों ने दिया समर्थन
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की और सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने की अपील की।
वहीं, फिल्म निर्माता किरण राव ने भी सोशल मीडिया के जरिए वांगचुक के समर्थन में आवाज उठाई और सरकार से संवाद शुरू करने की मांग की।
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
दिल्ली हाई कोर्ट में पहुंचे निगरानी के आरोप
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की कथित निगरानी को लेकर दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट 20 जुलाई को सुनवाई करेगा। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन स्थल पर लगातार कैमरों और मोबाइल फोन के जरिए निगरानी की जा रही है, जिससे प्रदर्शनकारियों के निजता के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?
प्रदर्शनकारी NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलन का नेतृत्व Cockroach Janata Party (CJP) कर रही है और 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की गई है।
फिलहाल सभी की नजर सोनम वांगचुक की सेहत और सरकार की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।





